एमपीलैड की राशि बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये की जाए, जीएसटी खत्म हो: कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी

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एमपीलैड की राशि बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये की जाए, जीएसटी खत्म हो: कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी

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  • Publish Date - March 25, 2026 / 01:51 PM IST,
    Updated On - March 25, 2026 / 01:51 PM IST

नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने बुधवार को कहा कि सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडी) के तहत प्रति सांसद को हर वर्ष मिलने वाली पांच करोड़ रुपये की राशि “काफी कम” है और इसे बढ़ाकर कम से कम 20 करोड़ रुपये किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने योजना के तहत होने वाले कार्यों पर लगने वाले जीएसटी को समाप्त करने की भी मांग की।

सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) के तहत प्रत्येक सांसद को बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे टिकाऊ सामुदायिक परिसंपत्तियों पर केंद्रित विकास कार्यों की सिफारिश के लिए प्रति वर्ष पांच करोड़ रुपये आवंटित किए जाते हैं।

सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए तिवारी ने एमपीएलएडी योजना को सांसदों के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्रों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने का सबसे प्रभावी साधन बताया।

उन्होंने कहा कि महंगाई को देखते हुए और कई निर्वाचन क्षेत्रों की आबादी 20 लाख से अधिक होने के कारण प्रति सांसद पांच करोड़ रुपये का आवंटन “काफी कम” है।

तिवारी ने कहा, “इस योजना के तहत प्रत्येक सांसद को सालाना पांच करोड़ रुपये दिए जाते हैं, लेकिन पिछले कई वर्षों से इस राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि विकास कार्यों की लागत कई गुना बढ़ गई है।”

उन्होंने कहा कि सीमेंट, स्टील और श्रम जैसी लागत में वृद्धि हुई है और निर्वाचन क्षेत्रों की आबादी भी बढ़ी है, जिनमें कई की आबादी 20 लाख से अधिक हो चुकी है।

तिवारी ने कहा कि प्रति व्यक्ति विकास व्यय के हिसाब से भी पांच करोड़ रुपये का आवंटन काफी कम है।

उन्होंने यह भी कहा कि एमपीएलएडी योजना के तहत किए जाने वाले कार्यों पर सामान्यतः 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है, जिससे प्रभावी राशि घटकर 4.10 करोड़ रुपये रह जाती है और 90 लाख रुपये जीएसटी में चले जाते हैं।

उन्होंने कहा, “महंगाई और निर्वाचन क्षेत्रों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए इस योजना के तहत वार्षिक आवंटन को पांच करोड़ रुपये से बढ़ाकर कम से कम 20 करोड़ रुपये किया जाना चाहिए।”

कांग्रेस सांसद ने राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन से इस पर निर्णय लेने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया और कहा कि योजना के तहत किए जाने वाले कार्यों को जीएसटी मुक्त किया जाना चाहिए।

भाषा मनीषा माधव

माधव