कोलकाता, 25 मार्च (भाषा) निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल में कुछ समय के लिए सभी मतदाताओं को ‘विचाराधीन’ श्रेणी में दिखाने से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ी के कारणों की जांच कर रहा है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
यह समस्या मंगलवार रात को उस समय सामने आई, जब मतदाताओं ने अपने ईपीआईसी नंबरों का उपयोग कर आयोग की वेबसाइट पर अपनी जानकारी देखने की कोशिश की, तो उनकी स्थिति ‘विचाराधीन’ के रूप में चिह्नित पाई गई, यहां तक कि उन मामलों में भी जहां उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में पहले से ही शामिल थे।
आयोग के अधिकारी ने बताया, “यह समस्या मंगलवार रात को देखी गई और संभवतः सर्वर से संबंधित तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुई थी। इसे ठीक कर लिया गया है और हम इस गड़बड़ी के कारणों की जांच कर रहे हैं।”
आयोग ने सोमवार मध्यरात्रि के करीब मतदाताओं की पहली पूरक सूची जारी की थी, जिसके 24 घंटे से भी कम समय में यह गड़बड़ी सामने आई।
एक अधिकारी ने बताया, “एक समय सिस्टम ने गलती से यह दिखाया कि राज्य के सभी मतदाता ‘विचाराधीन’ हैं। जबकि ऐसा नहीं था, यह केवल एक त्रुटि थी।”
इस घटनाक्रम पर राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और आरोप लगाया कि इस त्रुटि ने प्रभावी रूप से पूरे मतदाता वर्ग को संदेह के घेरे में डाल दिया है।
पार्टी ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि वैध मतदाताओं को भी ‘विचाराधीन’ दिखाया जा रहा है जबकि उनके मामले सुलझ चुके हैं या उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में मौजूद हैं।
अधिकारी ने बताया, “मतदाताओं को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है। तकनीकी टीम ने तुरंत कार्रवाई की और लगभग दो घंटे के भीतर समस्या का समाधान हो गया।”
भाषा जितेंद्र देवेंद्र
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