मुख्यमंत्री चयन के लिए कांग्रेस की प्रक्रिया लोकतांत्रिक, भाजपा एवं माकपा में ऐसा नहीं: संदीप वारियर

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मुख्यमंत्री चयन के लिए कांग्रेस की प्रक्रिया लोकतांत्रिक, भाजपा एवं माकपा में ऐसा नहीं: संदीप वारियर

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  • Publish Date - May 8, 2026 / 11:55 AM IST,
    Updated On - May 8, 2026 / 11:55 AM IST

मलप्पुरम (केरल), आठ मई (भाषा) केरल विधानसभा चुनाव में त्रिक्कारीपुर सीट से जीत दर्ज करने वाले कांग्रेस नेता संदीप वारियर ने मुख्यमंत्री के चयन के लिए पार्टी की लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सराहना करते हुए शुक्रवार को कहा कि ऐसी व्यवस्था भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) में नहीं है।

वारियर 2024 में कांग्रेस में शामिल होने से पहले भाजपा नेता थे। उन्होंने हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था।

उन्होंने यहां इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सैयद सादिक अली शिहाब थंगल से मुलाकात की।

इस मुलाकात के बाद पत्रकारों ने वारियर से एक टेलीविजन चैनल द्वारा प्रसारित उस तस्वीर के बारे में पूछा जिसमें कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक के बाद बाहर आते समय अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक के हाथ में कथित तौर पर एक सूची दिखाई गई थी।

ऐसा बताया गया कि इस सूची में कांग्रेस विधायकों के नाम और मुख्यमंत्री पद को लेकर उनकी पसंद बताने वाला एक कॉलम था। वारियर सहित कुछ नेताओं के नाम के आगे ‘केसी’ लिखा नजर आ रहा था जिसे मुख्यमंत्री पद के लिए के सी वेणुगोपाल के समर्थन के रूप में देखा गया।

खबरों के अनुसार, विधायक सजीव जोसेफ, टी ओ मोहनन, सनी जोसेफ, ऊषा विजयन और टी सिद्दीकी के नाम के आगे ‘केसी’ लिखा था जबकि आई सी बालकृष्णन के नाम के आगे ‘केसी+आरसी’ लिखा था।

‘आरसी’ को वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला के संदर्भ में देखा गया जो मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल हैं।

वारियर ने कहा, ‘‘हर लोकतांत्रिक पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र होना चाहिए। दुर्भाग्य से दो दलों में ऐसी व्यवस्था नहीं है-माकपा और भाजपा। उनके फैसले एक ही केंद्र से लिए जाते हैं। माकपा में सत्ता का एक केंद्र है, जबकि भाजपा में फैसले नागपुर से आते हैं।’’

उन्होंने कहा कि इसके विपरीत कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है।

वारियर ने कहा, ‘‘हमारी राय ली जा रही है, यह कांग्रेस पार्टी की लोकतांत्रिक सुंदरता को दिखाता है। यह सभी जनप्रतिनिधियों की राय सुनती है। ऐसा ही होना चाहिए।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए के सी वेणुगोपाल का समर्थन किया है, वारियर ने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक आंतरिक प्रक्रिया है। वहां जो कहा गया, उसका आकलन पार्टी को करना है। मैंने तस्वीर नहीं देखी है, इसलिए मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता।’’

उन्होंने कहा कि लोगों को इस बात की सराहना करनी चाहिए कि कांग्रेस पार्टी में ऐसी प्रक्रिया हो रही है।

वारियर ने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर हालिया चर्चा स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि विधायकों से सलाह लिए बिना किसी नेता को मुख्यमंत्री चुन लिया जाए तो क्या वह गलत नहीं होगा? यह एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। कांग्रेस ने राय व्यक्त करने और नारे लगाने की स्वतंत्रता दी है।’’

वारियर ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि आईयूएमएल ने मुख्यमंत्री पद के लिए वी डी सतीशन के समर्थन में कोई रुख अपनाया है या नहीं।

उन्होंने कहा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और कांग्रेस का हर नेता अपनी राय व्यक्त करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी अंतिम फैसला करेगी जिसे हम सभी स्वीकार करेंगे।’’

फिलहाल मुख्यमंत्री पद के लिए वी डी सतीशन, के सी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के नामों पर विचार किया जा रहा है।

भाषा सिम्मी मनीषा

मनीषा