शिक्षा व्यवस्था ‘आईसीयू’ में, सुधार के लिए ‘एजुकेशन चार्टर’ बनाएंगे: कांग्रेस

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शिक्षा व्यवस्था ‘आईसीयू’ में, सुधार के लिए ‘एजुकेशन चार्टर’ बनाएंगे: कांग्रेस

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  • Publish Date - July 6, 2026 / 01:45 PM IST,
    Updated On - July 6, 2026 / 01:45 PM IST

नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने सोमवार को केंद्र सरकार पर देश की शिक्षा व्यवस्था को ‘आईसीयू’ में पहुंचाने का आरोप लगाया और कहा कि इस स्थिति में सुधार के लिए उनकी पार्टी द्वारा जल्द ही एक ‘‘एजुकेशन चार्टर’’ तैयार किया जाएगा।

कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने यह भी कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए और पेपर लीक माफिया से उनके कथित संबंधों की जांच कराई जानी चाहिए।

उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हिंदुस्तान की शिक्षा व्यवस्था को मोदी सरकार ने आईसीयू में पहुंचा दिया है। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देश भर के छात्रों से मिल रहे हैं और उनकी बात सुन रहे हैं ताकि शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन लाया जा सके।’’

उनका कहना था कि इसी उद्देश्य से राहुल गांधी ने हाल में राजस्थान के कोटा में छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच एक प्रस्तुति दी थी और अब इस अभियान को देश के विभिन्न हिस्सों में आगे बढ़ाया जा रहा है।

कुमार ने कहा, ‘‘हम छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के सुझावों को संकलित कर रहे हैं। आने वाले दिनों में हम एक एजुकेशन चार्टर बनाएंगे और देश की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करेंगे।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए समिति बनाई थी, लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने मनमाने तरीके से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) का गठन कर दिया।

कुमार ने युवाओं के लिए नियमित रोजगार कैलेंडर जारी करने तथा परीक्षाओं और भर्तियों के लिए एक अकादमिक कैलेंडर लागू करने की भी मांग की।

इस मौके पर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था बदहाल है और शैक्षणिक संस्थानों को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया जा रहा है।

जाखड़ ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यकाल बार-बार बढ़ाया जाना सवाल खड़ा करता है।

उन्होंने दावा किया कि परिसर में आवाज उठाने वाले छात्रों को मुकदमों की धमकी दी जाती है और विशेष विचारधारा के लोगों की कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में नियुक्तियां की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि इन्हीं मुद्दों को लेकर एनएसयूआई ने संगठनात्मक चुनावों की शुरुआत की है और वह प्रत्येक परिसर में चुनाव के माध्यम से अपनी इकाइयों का गठन करेगी ताकि छात्रों को अपनी आवाज उठाने का मंच मिल सके।

भाषा हक हक नरेश

नरेश