गुवाहाटी, छह जुलाई (भाषा) ब्रिक्स देशों की मादक पदार्थ रोधी एजेंसियों के प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक सोमवार से यहां शुरू हुई। इस दौरान भारत ने मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए ब्रिक्स के तहत एक समर्पित समूह बनाने का प्रस्ताव रखा।
बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के महानिदेशक अनुराग गर्ग ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी के नए और आधुनिक तरीकों के कारण यह समस्या अब पूरी दुनिया के लिए गंभीर खतरा बन गई है।
उन्होंने कहा, ‘तस्करी के आधुनिक और अत्यधिक उन्नत तरीकों के उभरने से जो समस्या कभी सीमित क्षेत्रों तक थी, वह अब पूरी दुनिया से जुड़ा एक गंभीर वैश्विक खतरा बन गई है।’
अनुराग गर्ग ने इस चुनौती से निपटने में ब्रिक्स की भूमिका पर जोर देते हुए कहा, ‘मैं तेजी से बदलते इन हालात से व्यवस्थित तरीके से निपटने के लिए ब्रिक्स के तहत एक समर्पित वर्चुअल कार्य समूह के गठन का प्रस्ताव रखता हूं।’
उन्होंने कहा, ‘यह व्यवस्था एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम करेगी जहां नियमित रूप से बैठकें होंगी, वास्तविक समय में खुफिया जानकारी साझा की जाएगी, तस्करी के बदलते तौर-तरीकों का विश्लेषण किया जाएगा और संयुक्त कानून-प्रवर्तन अभियानों का बेहतर समन्वय किया जाएगा।’
अनुराग गर्ग ने यह भी कहा कि अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए। साथ ही, सदस्य देशों की एजेंसियों के बीच बेहतर कार्यप्रणालियों और अनुभवों का लगातार आदान-प्रदान भी होना चाहिए।
एनसीबी के महानिदेशक ने कहा, ‘विस्तारित ब्रिक्स परिवार के रूप में हमारे पास सामूहिक शक्ति है, जिसके बल पर हम वास्तव में दुनिया में बदलाव ला सकते हैं और नशा मुक्त समाज के सपने को साकार कर सकते हैं।’
दो दिनों तक चलने वाली इस बैठक में तीन प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी— सिंथेटिक मादक पदार्थों और उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायनों के दुरुपयोग तथा अवैध तस्करी पर रोक, खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त अभियानों के बेहतर समन्वय को मजबूत करना, तथा क्षमता निर्माण और संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देना।
ब्रिक्स की शुरुआत ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई थी। वर्ष 2024 में इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हुए, जबकि वर्ष 2025 में इंडोनेशिया भी इस समूह का सदस्य बन गया।
ब्रिक्स एक प्रभावशाली वैश्विक समूह के रूप में उभरा है। इसमें 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं जिनमें दुनिया की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का करीब 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का लगभग 26 प्रतिशत हिस्सा शामिल है।
भाषा तान्या नरेश
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