पाठ्यपुस्तकों में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को शामिल किया जाना चाहिए: अधिकारी

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पाठ्यपुस्तकों में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को शामिल किया जाना चाहिए: अधिकारी

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  • Publish Date - July 6, 2026 / 01:53 PM IST,
    Updated On - July 6, 2026 / 01:53 PM IST

कोलकाता, छह जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि राज्य को भारत का हिस्सा बनाए रखने में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान और अखंड राष्ट्र के उनके दृष्टिकोण को अगले शैक्षणिक सत्र से राज्य की स्कूली पाठ्यपुस्तकों में शामिल किया जाना चाहिए।

मित्रा इंस्टीट्यूशन नामक विद्यालय में मुखर्जी की 125वीं जयंती के समारोह के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारी ने कहा कि भवानीपुर के इस स्कूल का नवीनीकरण उनकी विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से किया जाएगा। मुखर्जी इस स्कूल के छात्र थे।

अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा में भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

उन्होंने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से, पाठ्यपुस्तकों में भारतीय जनसंघ के संस्थापक के पश्चिम बंगाल के गठन में योगदान, देशभक्ति और अखंड भारत पर उनके विचार, संसद में दिए गए भाषणों, केंद्र में मंत्री के तौर पर उनकी भूमिका और कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में उनके काम को शामिल किया जाना चाहिए।

अधिकारी ने कार्यक्रम में कहा, ‘‘इन्हें स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक छापा, पढ़ाया और इन पर चर्चा की जानी चाहिए।’’

इस कार्यक्रम में राज्य के स्कूल और उच्च शिक्षा मंत्री भी शामिल हुए थे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुखर्जी 1906 से 1917 तक मित्रा इंस्टीट्यूशन के छात्र थे और 1924 से 1938 तक स्कूल संचालन में सक्रिय रूप से शामिल रहे।

अधिकारी ने कहा, ‘‘भवानीपुर के विधायक और मुख्यमंत्री के तौर पर, इस संस्थान की बेहतरी की ज़िम्मेदारी मेरी है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्कूल शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया है कि मित्रा इंस्टीट्यूशन को इसके नवीनीकरण के लिए ‘पीएम श्री’ कार्यक्रम में शामिल किया जाए ताकि इमारत के ऐतिहासिक ढांचे को सुरक्षित रखा जा सके।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस वित्त वर्ष के लिए अपने 1 करोड़ रुपये के निर्वाचन क्षेत्र विकास कोष से इस स्कूल के नवीनीकरण के लिए 25 लाख रुपये आवंटित करूंगा।’’

अधिकारी ने कहा कि यह धन अगस्त तक कोलकाता नगर निगम के आयुक्त के पास पहुंच जाएगा।

अधिकारी ने कहा, ‘‘मैं यह भी चाहता हूं कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मनाने के लिए सूचना और सांस्कृतिक मामलों के विभाग द्वारा खर्च किए जाने वाले 200 करोड़ रुपये में से कुछ धन इस स्कूल के लिए भी आवंटित किया जाए।’’

भाषा वैभव नरेश

नरेश