चंडीगढ़, 17 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि वह हरियाणा में राज्यसभा चुनावों में कथित रूप से ‘क्रॉस-वोटिंग’ करने वाले अपने विधायकों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी करेगी। पार्टी ने इन विधायकों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी महासचिव बी. के. हरिप्रसाद ने ‘पीटीआई-भाषा’ को फोन पर बताया, ‘‘हम उन्हें ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी करने वाले हैं।’’
हरियाणा में दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान सोमवार को हुआ। भाजपा के संजय भाटिया ने एक सीट आसानी से जीत ली, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार करमवीर सिंह बौध ने निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के खिलाफ करीबी मुकाबले में दूसरी सीट जीत ली।
बौध की जीत मामूली अंतर से हुई है। इस बीच आरोप लगे कि पांच कांग्रेस विधायकों ने कथित रूप से क्रॉस-वोटिंग की। इसके अलावा, निर्वाचन अधिकारी द्वारा अवैध घोषित पांच मतों में से चार कथित रूप से कांग्रेस विधायकों द्वारा डाले गए थे।
नब्बे-सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के दो विधायक मतदान से अलग रहे। भाटिया ने पहली सीट जीतने के लिए पहली प्राथमिकता के 39 मत हासिल किए। दूसरी सीट पर, बौध ने 28 मत प्राप्त किए, जबकि नांदल को 16 मत मिले।
राज्यसभा चुनाव सूत्र के अनुसार, एक सीट जीतने के लिए आवश्यक कोटा 2767 (मत मूल्य) था, जिसे भाटिया और बौध दोनों ने पार कर लिया, जिससे मतों के हस्तांतरण की आवश्यकता नहीं रही।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देर रात संवाददाता सम्मेलन में विजयी उम्मीदवारों को बधाई देते हुए कहा कि नांदल सिर्फ एक वोट से हार गए, यानी अंतर बहुत ही मामूली था।
सैनी ने कहा, ‘‘कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की और उनके चार मत खारिज कर दिए गए।’’ उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा समर्थित नांदल 2019 विधानसभा चुनाव में इस पार्टी के उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे, लेकिन हार गये थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि जिन्होंने पार्टी को ‘‘धोखा’’ दिया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हरिप्रसाद ने भी सोमवार देर रात पत्रकारों से कहा था कि उन विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने ‘क्रॉस-वोटिंग’ करके पार्टी को धोखा दिया।
हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पत्रकारों से कहा कि वह (क्रॉस वोटिंग में) शामिल लोगों के नाम नहीं लेंगे, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि लोग इसे समझ चुके हैं।
हुड्डा ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा, ‘‘उन्होंने सभी रणनीतियां अपनाई, लेकिन कांग्रेस ने (एक सीट जीतकर) ‘अग्नि परीक्षा’ पास कर ली।’’
हालांकि, मुख्यमंत्री सैनी ने सोमवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने अपने विधायकों को निगरानी में रखा और राज्यसभा चुनाव से कुछ ही दिन पहले उन्हें हिमाचल प्रदेश भेज दिया।
भाषा
सुरेश नरेश
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