कोलकाता, 26 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रमुख शुभंकर सरकार ने आसनसोल में पार्टी के एक कार्यकर्ता की हत्या को रविवार को ‘‘राजनीतिक हत्या’’ करार दिया। वहीं, पुलिस ने कहा कि कार पार्किंग को लेकर विवाद में यह घटना हुई।
आसनसोल में 23 अप्रैल को मतदान हुआ था।
दिल्ली में, कांग्रेस ने इस हत्या को चुनाव के बाद की हिंसा करार देते हुए कहा कि पीड़ित देबदीप चटर्जी आसनसोल उत्तर विधानसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार प्रसेनजीत पुइतांडी के करीबी सहयोगी थे।
पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इस हत्या की कड़ी निंदा की और कहा कि उनकी पार्टी इस राजनीति के आगे नहीं झुकेगी, जो भारत की अहिंसक परंपरा को कलंकित करती है।
पुइतांडी ने दावा किया कि चटर्जी की हत्या ‘‘स्थानीय पार्षद अनिमेष दास द्वारा संरक्षित तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने की थी।’’ पार्षद ने इस आरोप को नकार दिया।
चटर्जी की पत्नी ने दावा किया कि वह अपने पति और 10-वर्षीय बेटे के साथ एक पारिवारिक समारोह में भाग लेने के बाद घर लौट रही थीं, तभी उन युवकों के साथ कहासुनी हो गई, जिन्होंने उनके आवास परिसर के प्रवेश द्वार पर ही अपना दोपहिया वाहन खड़ा कर दिया था।
महिला के दावे के अनुसार, स्थिति तब और बिगड़ गई जब चटर्जी अपनी कार से बाहर निकले और युवकों ने उनकी पिटाई कर दी।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिटाई के बाद चटर्जी गिर पड़े, उनका सिर कंक्रीट के स्लैब से टकराया और वह बेहोश हो गए। उन्होंने बताया कि चटर्जी को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुइतांडी ने कहा कि चटर्जी इलाके में कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता थे और विधानसभा चुनावों में पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुइतांडी की हत्या ‘‘स्थानीय पार्षद अनिमेष दास द्वारा संरक्षित तृणमूल के गुंडों ने की।’’
हालांकि, दास ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा कि हमले में शामिल कोई भी व्यक्ति तृणमूल से जुड़ा हुआ नहीं था।
पार्षद ने कहा, ‘‘मैं अभी उस इलाके में नहीं हूं। लौटने पर मैं मृतक के परिवार से मिलूंगा। कांग्रेस इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का राजनीतिकरण कर रही है। पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। उनकी मौत के लिए जो भी जिम्मेदार है, उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए।’’
पुइतांडी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आसनसोल दक्षिण पुलिस चौकी के सामने प्रदर्शन किया और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
भाषा आशीष सुरेश
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