एनसीबी ने विनियमित दवाओं की अवैध ऑनलाइन बिक्री पर रोक के लिए ‘वाइप’ अभियान शुरू किया

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एनसीबी ने विनियमित दवाओं की अवैध ऑनलाइन बिक्री पर रोक के लिए 'वाइप' अभियान शुरू किया

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  • Publish Date - April 26, 2026 / 10:35 PM IST,
    Updated On - April 26, 2026 / 10:35 PM IST

नयी दिल्ली, 26 अप्रैल (भाषा) स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने रविवार को एक समन्वित अभियान ‘वाइप’ शुरू करने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य कानून के तहत विनियमित दवाओं की अवैध बिक्री और वितरण के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को रोकना है।

एनसीबी ने एक बयान में कहा कि उसने वेब-आधारित अवैध गतिविधियों की रोकथाम और प्रवर्तन (वाइप) के तहत कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को औपचारिक नोटिस जारी किए हैं, जिसमें उन्हें ‘तत्काल’ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है ताकि उनकी सेवाओं का दुरुपयोग न हो।

एनसीबी ने एक बयान में कहा, ‘मादक पदार्थ पर रोकथाम संबंधी ‘एनडीपीएस’ कानून के तहत विनियमित दवाओं की एक व्यापक सूची साझा की गई है ताकि ऐसी दवाओं की सक्रिय रूप से पहचान और उन्हें बिक्री सूची से हटाने में मदद मिल सके।’

बयान में कहा गया है कि इंडिया मार्ट, ट्रेडइंडिया और डायल4ट्रेड जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने कुछ उपाय किए हैं, जिनमें चिह्नित उत्पादों को हटाना और संदिग्ध विक्रेताओं को निलंबित करना शामिल है।

एजेंसी ने कहा कि उसने 62 उत्पादों से जुड़े 122 मामलों की पहचान की है, जिनमें क्लोनज़ोपैम, डायज़ेपम और फेंटानिल जैसी ‘आमतौर पर दुरुपयोग की जाने वाली’ दवाएं शामिल हैं। इनमें से 58 उत्पाद एनडीपीएस अधिनियम के दायरे में आते हैं, जबकि चार को ‘नियंत्रित’ पदार्थों के रूप में वर्गीकृत किया गया है और एनसीबी की मंजूरी के बाद ही इनका लेन-देन किया जा सकता है।

भाषा आशीष नरेश

नरेश