शिमला, एक अप्रैल (भाषा) भाजपा विधायकों ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश सरकार की उस हालिया अधिसूचना के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया, जिसमें जिला आयुक्तों को पांच प्रतिशत तक पंचायतों के लिए आरक्षण सूची में बदलाव करने का अधिकार दिया गया है। विधायकों ने इसे स्थानीय निकाय चुनाव टालने का प्रयास करार दिया।
भाजपा विधायकों ने शिमला में हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जिला आयुक्तों को आरक्षण सूची में पांच प्रतिशत तक समायोजन करने का अधिकार देने वाली अधिसूचना जारी की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार स्थानीय निकाय चुनाव में देरी करने के लिए विभिन्न हथकंडे अपना रही है तथा मुख्यमंत्री अपने रुख पर अड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि चुनावों के लिए आवश्यक आरक्षण ‘रोस्टर’ में जानबूझकर देरी की जा रही है और आरोप लगाया कि सरकार नोटिफिकेशन जारी करके नियमों में पिछली तारीख से बदलाव करने की कोशिश कर रही है।
इस कदम को ‘‘अनुचित’’ करार देते हुए ठाकुर ने दावा किया कि इस फैसले से चुनावी प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
राज्य में पंचायती राज और शहरी निकाय चुनाव 31 मई से पहले होने प्रस्तावित हैं, जो 2011 की जनगणना के अनुसार आयोजित किए जाएंगे।
भाषा शफीक पवनेश
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