ठेके देने का मामला: कांग्रेस की अरुणाचल प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की

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ठेके देने का मामला: कांग्रेस की अरुणाचल प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की

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  • Publish Date - April 6, 2026 / 09:14 PM IST,
    Updated On - April 6, 2026 / 09:14 PM IST

ईटानगर, छह अप्रैल (भाषा) कांग्रेस की अरुणाचल प्रदेश इकाई ने सोमवार को मुख्यमंत्री पेमा खांडू के इस्तीफे की मांग की।

यह मांग उच्चतम न्यायालय द्वारा खांडू के परिजनों से जुड़ी कंपनियों को कथित तौर पर सार्वजनिक निर्माण के लिए ठेके दिए जाने के मामले में सीबीआई जांच के आदेश के बाद की गई।

कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष बोसीराम सिरम ने एक बयान में कहा कि इस आदेश से राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के तहत कथित भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और सत्ता के दुरुपयोग को लेकर पार्टी द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही चिंताओं की पुष्टि होती है।

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को सीबीआई को खांडू के रिश्तेदारों से कथित तौर पर जुड़ी कंपनियों को अरुणाचल प्रदेश में सार्वजनिक कार्यों के लिए ठेके दिए जाने के मामले में दो सप्ताह के भीतर प्रारंभिक जांच शुरू करने का निर्देश दिया।

इस जांच में पिछले साल एक जनवरी से 31 दिसंबर के बीच राज्य में ठेकों, कार्य आदेशों और सार्वजनिक परियोजनाओं के आवंटन और निष्पादन की जांच की जाएगी।

अदालत ने जांच एजेंसी को 16 सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है।

सिरम ने कहा, ‘हम मांग करते हैं कि मुख्यमंत्री नैतिक आधार पर इस्तीफा दें ताकि इस मामले की निष्पक्ष, तटस्थ और पारदर्शी जांच का मार्ग प्रशस्त हो सके।’ उन्होंने कहा कि पद छोड़ने से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि जांच बिना किसी प्रभाव या हस्तक्षेप के आगे बढ़े और सच्चाई जनता के सामने आए।

सिरम ने न्यायालय के हस्तक्षेप को एक “महत्वपूर्ण घटनाक्रम” बताया, जो आरोपों की गंभीरता और मामले की पारदर्शी जांच की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ी कंपनियों को कथित तौर पर 1,270 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी ठेके दिए गए हैं, जिसे उन्होंने जनता के विश्वास का गंभीर उल्लंघन बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटनाक्रम ने राज्य सरकार के कामकाज में व्याप्त “गहरे स्तर पर फैले भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद” को उजागर किया है और भ्रष्टाचार के प्रति कत्तई बर्दाश्त नहीं करने की नीति बनाए रखने की भाजपा की घोषित प्रतिबद्धता पर सवाल उठाया है।

खांडू ने सीबीआई की प्रारंभिक जांच का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी सरकार के पास “छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है”।

सिरम ने निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग की और अधिमानतः न्यायिक निगरानी में जांच कराने का आह्वान किया ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप रोका जा सके।

सार्वजनिक संस्थानों के कथित दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि ये कृत्य सिद्ध हो जाते हैं, तो इससे लोकतांत्रिक शासन और प्रशासन में जनता का विश्वास कमजोर हो सकता है।

भाषा

राखी प्रशांत

प्रशांत