बीएसएफ कर्मियों के बच्चों के लिए काउंसलिंग प्लेटफार्म की शुरुआत

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बीएसएफ कर्मियों के बच्चों के लिए काउंसलिंग प्लेटफार्म की शुरुआत

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  • Publish Date - February 19, 2021 / 01:57 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:20 PM IST

नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कर्मियों के बच्चों को भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक मदद देने के लिए एक काउंसलिंग प्लेटफार्म की शुरुआत की गई है।

बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि टोल-फ्री नंबर 1800-1-236-236 और एक वेबलिंक के माध्यम से यह काउंसलिंग सेवा उपलब्ध होगी तथा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) इसका संचालन करेगा।

‘सहारा’ नामक इस काउंसलिंग प्लेटफार्म की शुरुआत यहां एक कार्यक्रम में की गई है जिसका मकसद बच्चों को भावनात्मक समर्थन प्रदान करना और उनकी काउंसलिंग करना है।

इस मौके पर बीएसएफ के महानिदेशक राकेश अस्थाना ने कहा, ‘‘ड्यूटी पर जान गंवाने वाले कर्मियों के परिवारों के साथ निजी बातचीत के दौरान मैंने पाया कि उनको दी जाने वाली आर्थिक सहायता पर्याप्त नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ परिवार में एक व्यक्ति की अचानक से मौत होने से बच्चे बेसहारा महसूस करने लगे हैं और ऐसे में हमने सहारा काउंसलिंग हेल्पलाइन प्रदान करने की योजना बनाई।’’

बीएसफ प्रमुख ने कहा कि एक साल में ड्यूटी के दौरान विभिन्न कारणों से करीब 400 कर्मियों की मौत होती है।

कानूनगो ने कहा कि इन बच्चों को मनोवैज्ञानिक और सामाजिक भलाई सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।

भाषा हक हक उमा

उमा शाहिद

शाहिद