न्यायालय ने तेलंगाना से पटाखा की बिक्री, इस्तेमाल पर एनजीटी के आदेश का पालन करने को कहा

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न्यायालय ने तेलंगाना से पटाखा की बिक्री, इस्तेमाल पर एनजीटी के आदेश का पालन करने को कहा

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  • Publish Date - November 13, 2020 / 12:57 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:44 PM IST

नयी दिल्ली, 13 नवंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने तेलंगाना उच्च न्यायालय द्वारा दिवाली के दौरान राज्य में पटाखों की बिक्री पर पूर्ण और तुरंत प्रतिबंध लगाने के आदेश को शुक्रवार को संशोधित करते हुए कहा कि प्रदूषण स्तर को ध्यान में रखते हुए पटाखों पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों का पालन किया जाए।

एनजीटी ने नौ नवंबर को अपने आदेश में 30 नवंबर की मध्यरात्रि तक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सभी तरह के पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।

एनजीटी ने कहा था कि पूर्ण प्रतिबंध का निर्देश देश में उन सभी शहरों और नगरों पर लागू होगा जहां नवंबर 2019 के दौरान वायु की गुणवत्ता ‘खराब’ या इससे बदतर श्रेणी में रही थी। हालांकि अधिकरण ने कहा कि जिन शहरों में वायु की गुणवत्ता ‘मध्यम’ या इससे कम स्तर की है वहां हरित पटाखों की बिक्री हो सकेगी। एनजीटी ने कहा था कि दिवाली, छठ, नववर्ष, क्रिसमस जैसे त्योहारों के दौरान पटाखों के इस्तेमाल और इसे चलाने की सीमा दो घंटे तक सीमित की जाएगी, जिसे संबंधित राज्य तय कर सकते हैं।

तेलंगाना उच्च न्यायालय ने 12 नवंबर को एक आदेश जारी कर राज्य सरकार को पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा और तेलंगाना पटाखा डीलर एसोसिएशन (टीएफडब्ल्यूडीए) ने शीर्ष अदालत में इसे चुनौती दी ।

न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अवकाशकालीन पीठ ने टीएफडब्ल्यूडीए की याचिका पर नोटिस जारी किया और कहा कि वह दूसरे पक्ष को सुने बिना उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक नहीं लगा सकती।

याचिका में कहा गया कि उच्च न्यायालय का आदेश पटाखा निर्माण और बिक्री से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी के अधिकारों का उल्लंघन है। वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद याचिकाकर्ता संगठन की तरफ से पेश हुए।

बहरहाल पीठ ने तेलंगाना सरकार को नौ नवंबर को जारी एनजीटी के निर्देशों का पालन करने को कहा ।

भाषा आशीष अविनाश

अविनाश