अदालत ने बृजभूषण को बरी करने के खिलाफ महिला पहलवानों की अपील पर नोटिस जारी किया

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अदालत ने बृजभूषण को बरी करने के खिलाफ महिला पहलवानों की अपील पर नोटिस जारी किया

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  • Publish Date - September 28, 2026 / 10:34 AM IST,
    Updated On - September 28, 2026 / 10:34 AM IST

नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने यौन उत्पीड़न के मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बरी करने के एक मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले के खिलाफ चार महिला पहलवानों द्वारा दायर याचिका पर सोमवार को नोटिस जारी किया।

यह अपील 25 सितंबर को दायर की गई थी जिसमें डब्ल्यूएफआई के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को आपराधिक धमकी के आरोप से बरी किए जाने को भी चुनौती दी गई है।

विशेष न्यायाधीश दिग्विनय सिंह ने बृजभूषण शरण सिंह, तोमर और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।

मामले को नौ अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

इस साल तीन अगस्त को मजिस्ट्रेट अदालत ने विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट सहित छह महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न मामले में साक्ष्यों के अभाव का हवाला देते हुए भाजपा के पूर्व सांसद एवं डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह को बरी कर दिया था।

अदालत ने तोमर को भी बरी कर दिया था।

शुक्रवार को दायर पहलवानों की याचिका के अनुसार, बरी करने का फैसला कानूनी रूप से टिकने योग्य नहीं है। इसमें कहा गया कि यह रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों के ‘‘स्पष्ट रूप से त्रुटिपूर्ण और चुनिंदा पहलुओं’’ पर आधारित था, अटकलों और अनुमानों पर टिका था, और कानून के बाध्यकारी और स्थापित सिद्धांतों को लागू करने में विफल रहा।

याचिका में कहा गया है कि मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले का एक बड़ा हिस्सा यौन शोषण और उत्पीड़न की पीड़िताओं के अपेक्षित व्यवहार के बारे में रूढ़िवादी धारणाओं पर आधारित था, न कि पीड़िताओं की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष और सबूतों पर आधारित मूल्यांकन पर।

भाषा खारी वैभव

वैभव