आरटीआई कार्यकर्ता पिटाई मामले में अदालत ने एसपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया

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आरटीआई कार्यकर्ता पिटाई मामले में अदालत ने एसपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया

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  • Publish Date - April 11, 2026 / 06:58 PM IST,
    Updated On - April 11, 2026 / 06:58 PM IST

पिथौरागढ़, 11 अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड के पिथौरागढ़ की एक अदालत ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता को निर्वस्त्र कर पीटे जाने के मामले में जिले के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सिंह ने सात अप्रैल के आदेश में पिथौरागढ़ कोतवाली के निरीक्षक को निर्देश दिया कि भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 242, 355, 504, 506, 392 और 120बी के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जाए।

इससे पहले, पिथौरागढ़ के रेडीमेड कपड़ा कारोबारी एवं आरटीआई कार्यकर्ता लक्ष्मी दत्त जोशी ने राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण में शिकायत दर्ज कराई थी। प्राधिकरण ने दिसंबर 2025 में सिंह को दोषी मानते हुए राज्य सरकार को उनके खिलाफ कार्रवाई करने और इसकी जानकारी प्राधिकरण को देने के निर्देश दिए थे।

जोशी के अधिवक्ता आशीष हार्वर्ड ने कहा, ‘बार—बार प्रयास करने के बावजूद पिथौरागढ़ पुलिस ने शिकायत नहीं लिखी और इस कारण उन्हें इंसाफ पाने के लिए न्यायालय का रूख करना पड़ा ।’

उन्होंने बताया कि अदालत ने यह आदेश जोशी द्वारा इंडियन सिटीजंस प्रोटेक्शन एक्ट 2023 की धारा 175 (3) के तहत दायर अर्जी पर दिया है ।

जोशी के साथ मारपीट की घटना छह फरवरी 2023 को हुई थी जब वह पुलिस लाइन में फैमिली क्वार्टर से बहने वाले सीवर से सड़क और आसपास के अन्य स्थानों में फैल रही गंदगी को रोके जाने की अर्जी लेकर पुलिस से प्रार्थना करने गए थे।

अधिवक्ता ने कहा, ‘मेरे मुवक्क्लि को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक कार्यालय ले जाया गया जहां उन्होंने तथा अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें निर्वस्त्र करने के बाद बेरहमी से पीटा ।’

इस बारे में पिथौरागढ़ के पुलिस उपाधीक्षक गोविंद बल्लभ जोशी ने कहा कि उन्हें अभी अदालत के निर्णय की प्रति नहीं मिली है । उन्होंने कहा, ‘ निर्णय की प्रति मिलने के बाद अदालत के आदेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी ।’

वर्ष 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी लोकेश्वर सिंह ने संयुक्त राष्ट्र में एक महत्वपूर्ण पद पर चयन के बाद पिछले साल अक्टूबर में नौकरी से इस्तीफा दे दिया था।

भाषा सं दीप्ति रवि कांत रंजन

रंजन