(अदिति खन्ना)
लंदन, 11 अप्रैल (भाषा) ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से बात करके पश्चिम एशिया में युद्धविराम वार्ता में इस्लामाबाद की ‘अहम भूमिका’ की सराहना की।
‘डाउनिंग स्ट्रीट’ ने कहा कि शुक्रवार को फोन पर हुई बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से फिर से खोलने की तात्कालिकता पर सहमति व्यक्त की। ‘10 डाउनिंग स्ट्रीट’ ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का आधिकारिक निवास और कार्यालय है।
यह बातचीत अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ के वार्ता के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचने से कुछ घंटे पहले हुई।
‘डाउनिंग स्ट्रीट’ ने स्टॉर्मर-शरीफ के बीच वार्ता का विवरण देते हुए एक बयान में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री (स्टॉर्मर) ने कहा कि युद्धविराम का स्वागत है और पाकिस्तान की महत्वपूर्ण भूमिका के लिए शरीफ को धन्यवाद।’’
उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि आगामी वार्ता युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलने और होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से फिर से खोलने के लिए महत्वपूर्ण है।
इसमें कहा गया, ‘‘यह मानते हुए कि अभी शुरुआती दौर है, प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन इस प्रक्रिया का समर्थन करता है और आशा करता है कि इससे संघर्ष के दीर्घकालिक समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच लंबे और गहरे संबंधों को स्वीकार किया और भविष्य में भी संपर्क में रहने पर सहमति जतायी।’’
स्टॉर्मर ने शुक्रवार को खाड़ी देशों का अपना तीन दिवसीय दौरा समाप्त किया। इस दौरान उन्होंने सऊदी अरब, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और कतर के नेताओं के साथ चर्चा की।
अपने दौरे के अंत में ब्रिटेन की मीडिया से बात करते हुए प्रधानमंत्री स्टॉर्मर ने कहा कि सहयोगी खाड़ी देश रक्षा और आर्थिक मजबूती पर अधिक निकटता से काम करने के लिए ‘वास्तव में इच्छुक’ हैं।
इस बीच, वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले इस संघर्ष से आगे का रास्ता निकालने के लिए पाकिस्तान में हो रही महत्वपूर्ण वार्ता पर सबकी निगाहें टिकी हैं। वेंस और गालिबफ शनिवार को महत्वपूर्ण शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंचे। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक निर्णायक सफलता की प्रतीक्षा कर रहा है, क्योंकि इस संघर्ष ने व्यापक आर्थिक व्यवधान उत्पन्न किए हैं।
भाषा संतोष दिलीप
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