वर्चुअल सुनवाई के दौरान अश्लील सामग्री प्रसारित होने से अदालती कार्यवाही बाधित

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वर्चुअल सुनवाई के दौरान अश्लील सामग्री प्रसारित होने से अदालती कार्यवाही बाधित

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  • Publish Date - April 29, 2026 / 07:30 PM IST,
    Updated On - April 29, 2026 / 07:30 PM IST

नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय में बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हो रही सुनवाई उस समय बाधित हो गई जब एक प्रतिभागी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अश्लील सामग्री चला दी।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ के समक्ष इस घटना का उल्लेख करते हुए घटना की रिकॉर्डिंग के प्रसारण को रोकने के लिए कार्रवाई की मांग की।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले में रजिस्ट्रार जनरल को प्रशासनिक रूप से उचित निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

शर्मा ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न्यायालय की पवित्रता और समग्र सत्यनिष्ठा को नुकसान पहुंचाती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता चला है कि दोपहर के भोजन से पहले के सत्र में कुछ अदालतों में, न कि केवल एक अदालत में, असहज करने वाली एक या अधिक घटनाएं हुई हैं।’’

मुख्य न्यायाधीश उपाध्याय ने कहा कि उच्च न्यायालय के नियमों के तहत अदालती कार्यवाही की रिकॉर्डिंग प्रतिबंधित है और यदि कोई अनधिकृत सामग्री प्रसारित हो रही है, तो अधिकारी उसका पता लगाएंगे।

मुख्य न्यायाधीश की अदालत में वर्चुअल कार्यवाही दोपहर के भोजन से पहले के सत्र में तीन बार बाधित हुई जब एक प्रतिभागी ने अश्लील वीडियो चलाया।

इसी बीच, पीछे से एक आवाज आई कि मीटिंग ‘हैक’ हो गई है।

इस ऑडियो में कहा जा रहा है, ‘‘मीटिंग तुरंत बंद करें। आप हैक हो गए हैं। मीटिंग बंद करें। मीटिंग अभी खत्म नहीं हुई है।’’

प्रत्येक घटना के बाद वर्चुअल मीटिंग कुछ समय के लिए रोक दी गई।

भाषा वैभव नरेश

नरेश