नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में विरोध प्रदर्शन के मामले में मंगलवार को गिरफ्तार किए गए भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि ने एआई समिट में विरोध प्रदर्शन में चिब की भूमिका के बारे में पूछताछ करने के लिए पुलिस को चार दिन की हिरासत की अनुमति दी।
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने बीते शुक्रवार को सम्मेलन स्थल के हॉल नंबर 5 के अंदर कमीज उतारकर और सरकार तथा भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ नारे छपी हुई टी-शर्ट हाथ में लेकर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों द्वारा उन्हें वहां से हटा दिया गया।
आरोपी पक्ष ने अभियोजन पक्ष की रिमांड याचिका का विरोध किया तथा इस बात से इनकार किया कि कोई ‘दंगे जैसी स्थिति’ बनी थी।
उन्होंने हिरासत में लेकर टी-शर्ट बरामद करने की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शन में शामिल लोग निहत्थे थे और उन्हें पीटा गया था।
आरोपी ने इसे ‘आलोचना का साधारण मामला’ बताते हुए सवाल किया, ‘क्या हम आलोचना भी नहीं झेल सकते?’
उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस पर हमला करने या देश की संप्रभुता को खतरे में डालने का कोई इरादा नहीं था।
युवा कांग्रेस के अध्यक्ष के वकील ने यह दलील दी कि उनके मुवक्किल घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे और उनसे पहले ही पूछताछ की जा चुकी है। उन्होंने रिमांड याचिका को ‘तुच्छ और अप्रासंगिक’ बताया। साथ ही, उन्होंने अभियोजन पक्ष से प्रथम दृष्टया कोई साजिश का प्रमाण प्रस्तु करने के लिए कहा।
सरकारी अभियोजक अतुल कुमार श्रीवास्तव ने प्रतिवाद करते हुए कहा कि आरोपी घटनास्थल पर खुद मौजूद नहीं थे, लेकिन ‘प्रत्येक चीज़ पर वह निगरानी कर रहे थे’’ और वह ही इस घटना के ‘‘मास्टरमाइंड’’ थे।
उन्होंने कहा कि इसकी पर्याप्त जानकारी थी कि इस कृत्य से दंगे जैसी स्थिति पैदा हो सकती है और युवा कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उन (चिब) पर ‘अतिरिक्त जिम्मेदारी’ है।
भाषा हक हक वैभव
वैभव