कोलकाता, 24 फरवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के पूर्व मुख्य सचिव मनोज पंत सहित कई लोग अनधिकृत रूप से शामिल हुए थे।
पश्चिम बंगाल में मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने इस मामले की जांच और पंत की गिरफ्तारी की मांग की।
मजूमदार ने आरोप लगाया कि 21 फरवरी को हुई बैठक के दौरान राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा न्यायपालिका को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
मजूमदार ने उत्तर 24 परगना जिले के बारासात में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के साथ बैठक उच्चतम न्यायालय द्वारा विशेष रूप से एसआईआर प्रक्रिया को लागू करने के तौर-तरीकों पर निर्णय लेने के लिए आयोजित की गई थी, और इसमें केवल नामित अधिकारियों को ही उपस्थित होने की अनुमति दी गई थी।
उन्होंने उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि इसमें मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ)को, निर्वाचन आयोग के एक अधिकृत वरिष्ठ अधिकारी, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और महाधिवक्ता तथा अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल की उपस्थिति में, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को 21 फरवरी को बैठक करने का निर्देश दिया गया था ताकि एसआईआर पर आगे की रणनीति पर चर्चा की जा सके।
मजूमदार ने कहा, ‘‘आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि एसआईआर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बैठक में कौन-कौन उपस्थित होने के लिए अधिकृत था। इसके बावजूद, मुझे जानकारी मिली है कि मनोज पंत उपस्थित थे। वे किस हैसियत से उपस्थित थे? वे अब मुख्य सचिव नहीं हैं।’’
केंद्रीय मंत्री ने बैठक में पंत की उपस्थिति को ‘पूरी तरह से अवैध’ बताते हुए राज्य सरकार पर उच्चतम न्यायालय के निर्देश का उल्लंघन करने और एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित कार्यवाही को प्रभावित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय को कथित उल्लंघन की जांच का आदेश देना चाहिए और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की भागीदारी को आपराधिक कृत्य मानना चाहिए।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अगर उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्दिष्ट सूची के बाहर का कोई भी व्यक्ति बैठक में शामिल हुआ, तो यह अदालत के आदेश का सीधा उल्लंघन है। मनोज पंत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।’’
तृणमूल कांग्रेस की नेता और राज्य सरकार में वरिष्ठ मंत्री शशि पांजा ने मजूमदार के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा निराधार दावे करने के लिए जानी जाती है।
पांजा ने कहा कि भाजपा को इस तरह के आरोप लगाने से पहले सबूत पेश करने चाहिए। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता इस तरह की राजनीति को खारिज कर देगी।
उच्चतम न्यायालय ने 20 फरवरी को राज्य में विवादों से घिरी एसआईआर प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग की सहायता के लिए सेवारत और पूर्व जिला न्यायाधीशों को तैनात करने का एक ‘‘असाधारण’’ निर्देश जारी किया।
भाषा धीरज रंजन
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