आइजोल, 24 फरवरी (भाषा) मिजोरम सरकार ने विभिन्न विभागों में 29 कर्मचारियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन के लिए अवैध रूप से ‘प्रतिनिधि’ (प्रॉक्सी) नियुक्त करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया है। राज्य के कार्मिक और प्रशासनिक सुधार मंत्री के. सपडांगा ने मंगलवार को विधानसभा को यह जानकारी दी।
सपडांगा ने बताया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री लालदुहोमा के निर्देश पर की गई। मुख्यमंत्री ने सरकारी कर्मचारियों द्वारा अपने स्थान पर काम करने के लिए वैकल्पिक कर्मचारियों को नियुक्त करने की दशकों पुरानी प्रथा को समाप्त करने का निर्देश दिया था।
उन्होंने सदन में खुलासा किया कि सेवा शर्तों का उल्लंघन करने वाले 37 कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।
सपडांगा ने विधानसभा में एक सदस्य द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में बताया, ‘‘कुल मिलाकर, 37 कर्मचारियों को अपनी जगह पर काम करने के लिए किसी अन्य को (‘प्रतिनिधि’) नियुक्त करने को लेकर दंडित किया गया है। इनमें से 29 को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि शेष आठ कर्मचारियों पर मामूली जुर्माना लगाया गया है।’’
उन्होंने कहा कि इन अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में दर्ज किया गया है, जिससे उनकी भविष्य की सेवा संभावनाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 3,600 से अधिक कर्मचारियों ने अपने कर्तव्य निर्वहन के लिए किसी दूसरे को नियुक्त करने की बात स्वीकार की है।
स्कूल शिक्षा विभाग में सबसे अधिक 1,115 ‘प्रॉक्सी’ हैं, उसके बाद स्वास्थ्य विभाग (624) और बिजली विभाग (253) का स्थान आता है।
अधिकारियों के मुताबिक मिजोरम में सरकारी कर्मचारियों की संख्या 45,000 से 50,000 के बीच होने का अनुमान है।
भाषा धीरज सुरेश
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