तिरुवनंतपुरम, आठ अक्टूबर (भाषा) केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने शुक्रवार को विपक्ष के उन आरोपों को खारिज किया जिसमें राज्य में बड़ी संख्या में कोविड से जान गंवाने वालों के परिवारों को उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार मुआवजा नहीं देने की बात कही गई है। जॉर्ज ने कहा कि केरल में कोई भी पात्र परिवार वित्तीय सहायता से वंचित नहीं रहेगा।
राज्य की स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केरल देश का ऐसा पहला राज्य था जिसने केंद्र के संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार कोविड मृत्यु मूल्यांकन समिति का गठन किया था। साथ ही महामारी से जान गंवाने वालों के मृत्यु प्रमाणपत्र बेहद तेजी से जारी किए थे।
विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ सदस्यों द्वारा दिए गए स्थगन प्रस्ताव के नोटिस का जवाब देते हुए जॉर्ज ने कहा कि महामारी से होने वाली मौतों की सूची में शामिल नहीं किए गए लोगों के परिवार के सदस्यों की मदद के लिए एक नया सूचना पोर्टल भी विकसित किया गया था ताकि वे ऑनलाइन माध्यम से नाम दर्ज करवा सकें।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को ऑनलाइन आवेदन करने में समस्या आ रही है, वे अपने नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाकर पंजीकरण करवा सकते हैं।
मंत्री ने कहा, ” पंजीकृत परिवारों की चिंताओं को 30 दिनों के अंदर दूर किया जाएगा।”
भाषा शफीक माधव
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