भाकपा ने विजय के शपथ समारोह में ‘वंदे मातरम्’ के बाद ‘तमिल थाई वाझथु’ बजाए जाने पर आपत्ति जताई

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भाकपा ने विजय के शपथ समारोह में 'वंदे मातरम्' के बाद 'तमिल थाई वाझथु' बजाए जाने पर आपत्ति जताई

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  • Publish Date - May 10, 2026 / 04:41 PM IST,
    Updated On - May 10, 2026 / 04:41 PM IST

चेन्नई, 10 मई (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के तमिलनाडु राज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने रविवार को कहा कि सरकारी समारोहों के प्रोटोकॉल में ‘तमिल थाई वाझथु’ (प्रार्थना) को शीर्ष स्थान दिया जाना चाहिए।

वीरपांडियन का यह बयान टीवीके अध्यक्ष चंद्रशेखर जोसेफ विजय द्वारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आयोजित समारोह में गीतों के क्रम के बाद आया है जिसमें ‘वंदे मातरम’ को पहले, उसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को और तीसरे स्थान पर ‘तमिल थाई वाझथु’ को रखा गया था।

भाकपा नेता ने कहा, ‘‘समारोह के दौरान, ‘तमिल थाई वाझथु’ को तीसरा स्थान दिया गया, जबकि ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान को क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिया गया।’’ उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में सरकारी समारोह पारंपरिक रूप से ‘तमिल थाई वाझथु’ से शुरू होते हैं और राष्ट्रगान के साथ समाप्त होते हैं।

वीरपांडियन ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ही यह बात स्थापित हो चुकी थी कि ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रगान के रूप में काम नहीं कर सकता क्योंकि यह गीत एक विशिष्ट देवता को समर्पित है और इसमें सांप्रदायिक धार्मिक चरित्र निहित है।

भाषा

धीरज प्रशांत

प्रशांत