बेंगलुरु, 19 जून (भाषा) कर्नाटक के मंत्री ईश्वर खंड्रे ने शुक्रवार को अधिकारियों को झीलों, नदियों और जलाशयों जैसे जल निकायों में जैव-चिकित्सा तथा इलेक्ट्रॉनिक कचरा डालकर प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने का निर्देश दिया।
बेंगलुरु ग्रामीण जिले के नेलमंगला तालुक स्थित यंतगनहल्ली ग्राम पंचायत के औचक दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि गांव की झील में चिकित्सा अपशिष्ट डाला जा रहा है।
शिकायत पर संज्ञान लेते हुए ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री ने तालुक कार्यपालक अधिकारियों को जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया।
जन शिकायतों की समीक्षा के दौरान खंड्रे ने अधिकारियों को ग्राम पंचायत संपत्ति कर अभिलेखों से संबंधित लंबित 11बी आवेदनों का 15 दिनों के भीतर निस्तारण करने का भी निर्देश दिया।
मंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, पंचायत अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण करने के बाद खंड्रे ने उन्हें समय पर कार्यालय पहुंचने, जनहितैषी रवैया अपनाने तथा बिना किसी उचित कारण के ग्रामीणों को बार-बार पंचायत कार्यालय के चक्कर न लगवाने का निर्देश दिया।
ई-स्वाथु अभिलेख जारी करने में देरी की शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए खंड्रे ने कहा कि यदि कोई तकनीकी समस्या है तो उसे उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में दस्तावेज सही पाए जाएं, उनमें निर्धारित समयसीमा के भीतर ई-स्वाथु प्रमाणपत्र जारी किए जाएं।
बाद में मंत्री ने हंचीपुरा के शुद्ध पेयजल संयंत्र का दौरा किया और पानी की गुणवत्ता का निरीक्षण किया।
उन्होंने अधिकारियों को जल शोधन झिल्लियों (मेम्ब्रेन) को नियमित रूप से बदलने और समय-समय पर पानी की गुणवत्ता की जांच कराने का निर्देश दिया, ताकि पेयजल का ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
खंड्रे ने एक आंगनवाड़ी केंद्र का भी दौरा किया और बच्चों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण किया।
उन्होंने पंचायत विकास अधिकारियों और तालुक कार्यपालक अधिकारियों को आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने तथा वहां पानी की उपलब्धता और शौचालयों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
भाषा राखी रंजन
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