सूरत, 19 अप्रैल (भाषा) गुजरात के सूरत शहर के उधना रेलवे स्टेशन पर रविवार को भारी भीड़ देखने को मिली, जहां ज्यादातर प्रवासी मजदूरों समेत हजारों यात्री गर्मी की छुट्टियों की शुरुआत और औद्योगिक गतिविधियों में मंदी के बीच बाहर जाने वाली ट्रेनों में सवार होने के लिए एकत्र हुए।
लंबी कतारों में खड़े यात्रियों ने भीषण गर्मी में पर्याप्त सुविधाओं की कमी की शिकायत की। इस दौरान बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी हुई। वहीं, पश्चिम रेलवे के अधिकारियों ने कहा कि स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा, क्योंकि कुछ लोग कतार तोड़ने की कोशिश कर रहे थे।
पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अनुभव सक्सेना ने कहा कि मौसमी भीड़ के बावजूद स्टेशन पर स्थिति “पूरी तरह सामान्य” और नियंत्रण में है।
उन्होंने कहा, “गर्मी का मौसम शुरू हो गया है, इसलिए यात्रियों की संख्या बढ़ी है, लेकिन रेलवे ने पूरी व्यवस्था की है। आज उधना से पहली ट्रेन रात 1:30 बजे जयनगर के लिए रवाना हुई, इसके बाद सुबह 5:30 बजे मधुबनी के लिए दूसरी ट्रेन चली। अब तक 21,000 से ज्यादा लोग यात्रा कर चुके हैं।”
उन्होंने बताया कि नियमित ट्रेनों के अलावा विशेष ट्रेन भी चलाई जा रही हैं, जिनमें अंत्योदय एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं।
भीड़ को संभालने के लिए स्टेशन पर सात अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले गए हैं और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) व टिकट जांच कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
हालांकि यात्रियों ने अलग ही स्थिति बताई।
बिहार के दरभंगा निवासी शोभित तांती ने कहा, “मैं कल रात आठ बजे से कतार में हूं। मैं परिवार के साथ हूं और बोगी में खड़े होने तक की जगह नहीं है।”
पटना के रोहित पासवान ने कहा कि डिब्बा भरा होने के कारण उन्हें खड़े होकर यात्रा करनी पड़ रही है।
उन्होंने बताया कि वे एलपीजी की कमी और फैक्ट्री में उत्पादन घटने के कारण वापस जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के जयहिंद मौर्य ने भी भीड़ के कारण सीट न मिलने और एलपीजी की कमी की समस्या का जिक्र किया, जो 28 फरवरी से पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बाद से लगातार बरकरार है।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस तरह की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
भाषा जोहेब नरेश
नरेश