कोलकाता, 17 मार्च (भाषा) दार्जिलिंग चाय संघ ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर उनसे औद्योगिक एलपीजी संकट के मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है ताकि उस समस्या का समाधान किया जा सके।
चाय संघ ने कहा कि एलपीजी की किल्लत से दार्जिलिंग की पहाड़ियों में स्थित चाय बागानों का संचालन ठप होने की आशंका पैदा हो गई है।
चाय संघ ने 17 मार्च को लिखे एक पत्र आगाह किया कि दार्जिलिंग में चाय बागान कारखानों को एलपीजी की गंभीर कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे 55,000 श्रमिकों और उनके परिवारों को रोजगार देने वाले चाय बागानों का परिचालन ठप होने की आशंका पैदा हो गई है।
यह संकट पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के पांच मार्च के उस आदेश से उत्पन्न हुआ है जिसमें सभी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू उपभोक्ताओं और प्राथमिकता सूची में शामिल लोगों को करने का निर्देश दिया गया है।
पत्र में कहा गया कि दार्जिलिंग चाय उद्योग पूरी तरह से औद्योगिक एलपीजी पर निर्भर है लेकिन प्राथमिकता सूची से बाहर है।
इसमें कहा गया, ‘‘तीन महीने के लंबे अंतराल के बाद दार्जिलिंग चाय उद्योग ने अभी-अभी अपनी पहली फसल की चाय का उत्पादन शुरू किया है, जिसका निर्यात किया जाता है और यह उच्च गुणवत्ता की है तथा इससे राजस्व प्राप्त होता है। यदि एलपीजी की कमी को तत्काल दूर नहीं किया गया, तो यह उद्योग के लिए विनाशकारी साबित होगा।’’
चाय संघ ने कहा कि जब उसने अधिकतर चाय बागानों को एलपीजी की आपूर्ति करने वाली कंपनी एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड) से संपर्क किया, तो उसने बताया कि चाय बागानों को गैस की आपूर्ति का निर्णय लेने का अधिकार पश्चिम बंगाल सरकार के खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के पास है, और फिलहाल यह उद्योग प्राथमिकता सूची में नहीं है।
भाषा धीरज रंजन
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