दवे ने अर्णब की याचिका को ‘‘चयनित तरीके से सूचीबद्ध’’ किये जाने को लेकर आपत्ति जताई

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दवे ने अर्णब की याचिका को ‘‘चयनित तरीके से सूचीबद्ध’’ किये जाने को लेकर आपत्ति जताई

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  • Publish Date - November 10, 2020 / 06:32 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:12 PM IST

नयी दिल्ली, 10 नवम्बर (भाषा) सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष दुष्यंत दवे ने मंगलवार को शीर्ष अदालत के सेक्रेटरी जनरल को पत्र लिखकर 2018 में एक इंटीरियर डिजाइनर को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित मामले में रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी की अंतरिम जमानत याचिका को ‘‘चयनित तरीके’’ से 11 नवम्बर को एक अवकाशकालीन पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किये जाने पर ‘‘कड़ी आपत्ति’’ जाहिर की है।

गोस्वामी की जमानत याचिका पर बुधवार को न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की एक अवकाशकालीन पीठ के समक्ष सुनवाई होगी।

दवे ने स्पष्ट किया कि वह व्यक्तिगत रूप से गोस्वामी के खिलाफ नहीं है और वह किसी के अधिकार में हस्तक्षेप करने के लिए भी यह पत्र नहीं लिख रहे है क्योंकि सभी नागरिकों की तरह रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक को भी उच्चतम न्यायालय से न्याय पाने का अधिकार है।

उन्होंने अपने पत्र में कहा कि यहां गंभीर मुद्दा मामलों का चयनित तरीके से सूचीबद्ध करने का है। उन्होंने कहा कि हजारों नागरिक लंबे समय से जेलों में हैं, और उनके मामलों को हफ्तों और महीनों तक सूचीबद्ध नहीं किया जाता है, लेकिन जब भी गोस्वामी उच्चतम न्यायालय का रूख करते है तो उनका मामला कैसे और क्यों तुरंत सूचीबद्ध हो जाता है।

दवे ने कहा कि बम्बई उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ गोस्वामी की याचिका कल दायर हुई और उसे तुरंत डायरी नंबर मिला, हालांकि अंतिम नहीं है, और इसे कल (11 नवंबर) के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

उन्होंने सेक्रेटरी जनरल से न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष उनके पत्र को रखे जाने का अनुरोध किया जो गोस्वामी की याचिका पर सुनवाई करेगी।

भाषा

देवेंद्र उमा

उमा