नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि वेस्ट बैंक में इज़राइल द्वारा कथित तौर पर उठाए जा रहे एकतरफा कदमों की आलोचना करने वाले देशों की सूची में भारत का ‘‘देर से’’ शामिल होना ‘‘सरासर पाखंड’’ है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जल्द ही इज़राइल जाने वाले हैं।
खबरों के मुताबिक, भारत ने वेस्ट बैंक में इज़राइल के एकतरफा कदमों की आलोचना करने वाले देशों की सूची में शामिल हो गया है। भारत शुरुआत के उन 85 देशों के समूह में शामिल नहीं था, जिन्होंने 17 फरवरी, 2026 को यह बयान जारी किया था।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘17 फरवरी, 2026 को 85 देशों ने संयुक्त राष्ट्र में एक सामूहिक बयान जारी किया, जिसमें वेस्ट बैंक के कब्जे वाले क्षेत्र में इज़राइल की एकतरफा कार्रवाई की कड़ी आलोचना की गई, जो हजारों फ़िलिस्तीनियों को विस्थापित कर रही हैं।’’
उन्होंने कहा कि इन 85 देशों में भारत शामिल नहीं था, जबकि 18 नवंबर 1988 को फ़लस्तीन को मान्यता देने वाले शुरुआती देशों में भारत भी था।
रमेश ने कहा, ‘‘भारत को इन 85 देशों की सूची में शामिल होने में 24 घंटे लग गए। यह सरासर पाखंड और निंदनीय है।’’
उन्होंने दावा किया कि भारत द्वारा देर से पहल करने का कारण यह है कि प्रधानमंत्री अगले सप्ताह की शुरुआत में इज़राइल जाने वाले हैं।
सूत्रों के अनुसार, मोदी 25 फरवरी से दो दिवसीय यात्रा पर इज़राइल जाएंगे।
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