दिल्ली: नाबालिग से ‘सामूहिक बलात्कार’ के बाद आस्था कुंज पार्क की सुरक्षा जांच के दायरे में

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दिल्ली: नाबालिग से 'सामूहिक बलात्कार' के बाद आस्था कुंज पार्क की सुरक्षा जांच के दायरे में

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  • Publish Date - September 22, 2026 / 09:45 PM IST,
    Updated On - September 22, 2026 / 09:45 PM IST

नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में तीन प्रमुख मंदिरों से घिरा एक विशाल पार्क 17 वर्षीय लड़की से कथित सामूहिक दुष्कर्म के बाद जांच के दायरे में आ गया है।

इसके साथ ही पार्क की टूटी हुई चारदीवारी, मानवरहित द्वार और कम रोशनी वाले हिस्सों सहित सुरक्षा खामियां केंद्र में आ गई हैं।

पुलिस ने बताया कि सोमवार शाम को तीन व्यक्तियों आसिफ, हेमंत और उसके भाई मनीष ने खुद को कथित तौर पर पुलिसकर्मी बताकर कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क के अंदर 17 वर्षीय लड़की से बारी-बारी से दुष्कर्म किया।

इस घटना ने विशाल हरित क्षेत्र में पहुंच नियंत्रण पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसकी परिधि काफी बड़ी है और कई प्रवेश द्वार हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी और पुलिस की नियमित गश्त के बावजूद वे सूर्यास्त के बाद पार्क में प्रवेश करने से बचते हैं।

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के क्षेत्राधिकार में आने वाला यह पार्क लगभग 142.1 एकड़ में फैला है और इसमें 29 द्वार हैं। लोटस टेंपल, इस्कॉन मंदिर और कालकाजी मंदिर के अलावा आवासीय क्षेत्रों, बाजारों, कार्यालयों और मेट्रो स्टेशनों के करीब होने के कारण दिन के समय यहां काफी संख्या में लोग आते हैं।

सुरक्षा गार्ड अमर पासवान ने संवाददाताओं से बात करते हुए बताया कि पार्क में अहम स्थानों पर तीन पालियों में नौ सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्य द्वार शाम सात बजे के बाद बंद कर दिए जाते हैं, लेकिन लोग फिर भी चारदीवारी पार करके या छोटे रास्तों का उपयोग करके पार्क में प्रवेश कर सकते हैं।

स्थानीय निवासी विजय कुमार ने कहा, ‘इलाके के लोग शाम 6 बजे के बाद पार्क में प्रवेश करने से डरते हैं।’

उन्होंने कहा कि नेहरू प्लेस मेट्रो स्टेशन से गढ़ी गांव आने-जाने के लिए कई लोग पार्क से होकर गुजरने वाले रास्ते का उपयोग करते हैं।

एक अन्य निवासी कृष्ण कुमार ने कहा कि पुलिस शाम और रात के समय पार्क में गश्त करती है और टॉर्च का इस्तेमाल कर लोगों को बाहर जाने के लिए कहती है।

यह पार्क ईस्ट ऑफ कैलाश, कैलाश हिल्स, नेहरू प्लेस, कालकाजी, ग्रेटर कैलाश-I, कैलाश कॉलोनी, गढ़ी गांव, ओखला मंडी, माउंट कैलाश और अमृतपुरी सहित कई इलाकों से घिरा हुआ है। इसके आसपास 17 से अधिक आवासीय सोसायटी स्थित हैं।

दक्षिण रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार ने कहा कि पार्क कई तरफ से खुला है, जबकि चारदीवारी के कुछ हिस्से ढह गए हैं। उन्होंने कहा, ‘कुछ द्वार पर गार्ड तैनात नहीं हैं, जबकि कुछ स्थानों पर पर्याप्त रोशनी नहीं है।’

इस बीच, डीडीए ने कहा कि पार्क में रोशनी के उपकरण चालू हालत में हैं और उनका नियमित निरीक्षण किया जाता है। उसने कहा कि डीडीए सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, अनधिकृत गतिविधियों को रोकने और एक सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के संबंध में बीट अधिकारी और दिल्ली पुलिस के अन्य अधिकारियों के साथ तालमेल बनाए रखता है।

प्राधिकरण ने कहा कि पार्क से जुड़ी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को डीडीए द्वारा कई अवसरों पर दिल्ली पुलिस के समक्ष उठाया गया है।

हालिया घटना के बाद, डीडीए ने कहा कि उसने मौजूदा सुरक्षा व्यवस्थाओं की तुरंत समीक्षा की है और उन्हें और मजबूत किया है।

भाषा नोमान नोमान वैभव

वैभव

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