दिल्ली विधानसभा में घुसने वाला अपने भतीजे के लापता होने के मामले को उजागर करना चाहता था: पुलिस

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दिल्ली विधानसभा में घुसने वाला अपने भतीजे के लापता होने के मामले को उजागर करना चाहता था: पुलिस

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  • Publish Date - April 7, 2026 / 08:46 PM IST,
    Updated On - April 7, 2026 / 08:46 PM IST

नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सेंध मामले की जांच से पता चला है कि जिस व्यक्ति ने कथित तौर पर एसयूवी कार के जरिए परिसर में जबरन प्रवेश किया था, वह अपने भतीजे की गुमशुदगी की ओर पुलिस और अन्य अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करना चाहता था। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, उसका भतीजा एक अप्रैल से लापता है और इस संबंध में पश्चिमी दिल्ली के हरिनगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सरबजीत सिंह का मानना था कि वरिष्ठ अधिकारी उसके भतीजे के लापता होने के संबंध में उसकी शिकायत को समझेंगे और कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

पुलिस सूत्र ने कहा, ‘हालांकि परिवार ने दावा किया है कि वह मानसिक रूप से बीमार है और उसका इलाज चल रहा है, लेकिन (पुलिस) इस स्तर पर इस बात से पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। वह शारीरिक रूप से फिट है और हम उसके परिवार के सदस्यों के सभी दावों की भी जांच कर रहे हैं। सरबजीत आर्थिक रूप से भी संपन्न है और उसने फरवरी में ही एसयूवी कार खरीदी थी।’

एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसे शहर की एक अदालत में पेश किया गया और अदालत ने आरोपी को आठ दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

उसकी हिरासत के दौरान, पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सहित अन्य जांच करेगी। साथ ही घटनाओं की कड़ी को पूरा करेगी और मामले के विभिन्न पहलुओं की तफ्तीश करेगी। पुलिस ने 10 दिनों की हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने आठ दिनों की रिमांड मंजूर की।

सूत्र ने कहा, ‘हिरासत के दौरान, पुलिस आरोपी के बयानों को सत्यापित करेगी और पिछले कुछ दिनों में वह जहां-जहां गया था उनको जोड़कर घटना के क्रम को फिर से तैयार करेगी।’

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि हालांकि उसके या उसके वाहन से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है, लेकिन वह खतरनाक तरीके से गाड़ी चला रहा था, जिससे विधानसभा परिसर में मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों की जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया था।

अधिकारी ने कहा, ‘सरबजीत ने अकेले ही इस घटना को अंजाम दिया और अब तक कोई सहयोगी नहीं मिला है। हालांकि, जांच के दौरान यह बात सामने आई कि वह दिल्ली के रास्तों से अपरिचित था और उसने विभिन्न धार्मिक स्थलों तक के लिए 2,000 रुपये देकर दो टैक्सी चालक को काम पर रखा था।’

विधानसभा परिसर की सुरक्षा तोड़ने के दो घंटे बाद सरबजीत को दो अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था।

अधिकारी ने बताया, ‘दोनों टैक्सी चालकों से पूछताछ की गई है और अब तक अपराध में उनकी कोई भूमिका सामने नहीं आई है, हालांकि एहतियात के तौर पर उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है।’

सूत्रों ने बताया कि विधानसभा परिसर से भागने के बाद आरोपी एक धार्मिक स्थल पर गया जहां वह कुछ देर रुका।

विधानसभा में सुरक्षा उल्लंघन सोमवार दोपहर 2.10 बजे हुआ जब सरबजीत अपनी कार से दिल्ली विधानसभा के गेट नंबर 2 से परिसर में घुस गया। उसने अध्यक्ष की कार के अंदर एक गुलदस्ता और माला रखी और कुछ देर कार के अंदर बैठा रहा और फिर उसी गेट से बाहर निकल गया। यह पूरा घटनाक्रम पांच से सात मिनट के भीतर हुआ।

पुलिस ने कहा कि वह खतरनाक तरीके से गाड़ी चला रहा था जिससे ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी कुचले जा सकते थे। घटना के बाद, शहर भर में अलर्ट जारी किया गया और कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए। आरोपी को शाम करीब 4.15 बजे उत्तरी दिल्ली के रूप नगर इलाके में एक पुलिस पिकेट के पास रोका गया।

पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि सरबजीत ने एक अप्रैल को अपना घर छोड़ दिया था, उसी दिन उसका भतीजा लापता हुआ था, और उसके बाद उसने अपने परिवार को केवल एक फोन कॉल किया था। पुलिस अब उसकी गतिविधियों और संपर्कों को स्थापित करने के लिए उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का विश्लेषण कर रही है।

उसकी पत्नी ने शाहजहांपुर का एक मेडिकल पर्चा (प्रिस्क्रिप्शन) दिया है जिसमें दावा किया गया है कि उसका मानसिक समस्याओं के लिए इलाज चल रहा है, जिसे पुलिस सत्यापित कर रही है।

हालांकि, सूत्रों ने संकेत दिया कि जिस तरह से इस कृत्य को अंजाम दिया गया, उससे संकेत मिलता है कि इसकी योजना पहले से बनाई गई थी।

एक पुलिस सूत्र ने बताया कि हिरासत में उसका व्यवहार अत्यधिक आक्रामक रहा है – वह हवालात की ग्रिल को हिला रहा है, जोर-जोर से चिल्ला रहा है और अतार्किक दावे कर रहा है।

इस बीच, उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि सिंह के परिवार ने दावा किया है कि सरबजीत अपनी पत्नी और बेटे के साथ नारायणपुर में रहता है। उन्होंने बताया कि उसका भतीजा हरमनदीप सिंह एक अप्रैल को लापता हो गया था। वह दिल्ली में बीटेक का छात्र है।

उत्तर प्रदेश में उसकी मां ने पत्रकारों से कहा, ‘वह हमसे बात तक नहीं करता था। वह सिर्फ कार लेकर चला जाता है। वह घर में किसी की नहीं सुनता, अपने बड़े भाई की भी नहीं। जब वह उस स्थिति में होता है, तो उसे कोई नहीं रोक सकता।’

परिवार के सदस्यों ने यह भी कहा कि सरबजीत इस बात से परेशान था कि उसे शुरू में अपने भतीजे के लापता होने के बारे में नहीं बताया गया था।

दिल्ली पुलिस ने सिविल लाइंस थाने में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

भाषा नोमान नोमान अविनाश

अविनाश