दिल्ली विधानसभा सुरक्षा चूक: पुलिस आरोपी के लापता फोन की तलाश कर रही
दिल्ली विधानसभा सुरक्षा चूक: पुलिस आरोपी के लापता फोन की तलाश कर रही
नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) पुलिस दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सेंध लगाने के आरोपी द्वारा अपनाए गए पूरे मार्ग का पता लगाने की योजना बना रही है, ताकि उसकी एसयूवी कार से परिसर घुसने से पहले की गतिविधियों का पुनर्निर्माण किया जा सके। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उत्तर प्रदेश में पीलीभीत निवासी सरबजीत सिंह (37) को सोमवार को घटना के कुछ घंटों बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। वह अपने लापता भांजे के मामले में पुलिस अधिकारियों का कथित तौर पर ध्यान आकर्षित करने के लिए विधानसभा के द्वार संख्या दो पर अवरोधक तोड़कर परिसर के अंदर घुस गया था।
सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ताओं का इरादा सिंह को उन कई स्थानों पर ले जाने का हैं जहां वह राष्ट्रीय राजधानी आने से पहले रुका था, ताकि वारदात से पहले की घटनाओं के विस्तृत क्रम को जोड़ा जा सके।
यह कदम एक गहन जांच का हिस्सा है जिसका उद्देश्य उसके दावों को सत्यापित करना और यह स्थापित करना है कि क्या उसे इस उच्च-सुरक्षा क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले कोई सहायता मिली थी या नहीं,या उसने पहले रेकी की थी या नहीं।
पुलिस को यह भी पता चला है कि सिंह ने दिल्ली में प्रवेश करते समय अपना एक मोबाइल फोन कथित तौर पर नष्ट कर दिया या फेंक दिया। उस लापता उपकरण का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। इस मोबाइल के बारे में जांचकर्ताओं को संदेह है कि इसमें संभावित संपर्कों और संचार के विवरण सहित महत्वपूर्ण सबूत हो सकते हैं।
सूत्र ने कहा, ‘फोन का पता लगाने के लिए टीमें तैनात की गई हैं, और टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या सिंह अपनी यात्रा के दौरान किसी के संपर्क में था या क्या यह कृत्य पूर्व नियोजित था।’
जांच अधिकारी ने उत्तर प्रदेश और पंजाब में उसकी गतिविधियों का पता लगाने, किसी भी सहयोगी की पहचान करने और एक बड़ी साजिश की संभावना की जांच करने सहित पूरे मामले की विस्तृत तफ्शीत करने के लिए आरोपी की 10 दिनों की पुलिस हिरासत मांगी थी।
पुलिस द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि उसके मोबाइल फोन में आपत्तिजनक सामग्री होने की आशंका है और फोन को हरियाणा में कहीं फेंका गया हो सकता है। इसमें विधानसभा परिसर के भीतर सिंह के आचरण की जांच करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है, जिसमें यह भी शामिल है कि वह प्रतिबंधित क्षेत्र तक कैसे पहुंचा, वीआईपी वाहन में कैसे प्रवेश किया और वहां एक गुलदस्ता छोड़ दिया।
पुलिस इस मामले में संभावित आतंकी कोण की भी जांच कर रही है। पुलिस ने कहा कि किसी भी सुरक्षा खतरे या संगठित संलिप्तता को खारिज करने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
इससे एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने अपनी सुरक्षा इकाई के दो कर्मियों को विधानसभा सुरक्षा चूक मामले में निलंबित कर दिया था।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘प्रथम दृष्टया निष्कर्षों के आधार पर, विधानसभा की घटना के संबंध में दिल्ली पुलिस की सुरक्षा इकाई के एक उप-निरीक्षक और एक सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) को निलंबित कर दिया गया है।’ इसमें कहा गया है कि मामले की आगे की जांच जारी है।
सूत्रों ने कहा कि विधानसभा में एक संयुक्त सुरक्षा समीक्षा बैठक में सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए कई उपायों की भी सिफारिश की गई।
अब तक की जांच में पता चला है कि 37 वर्षीय सिंह अपने लापता भांजे की तलाश में दिल्ली आया था और स्थिति को लेकर परेशान था।
भाषा नोमान नोमान माधव
माधव

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