नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले व्यक्ति के परिवार ने कहा है कि वह इस बात से परेशान था कि उसके भतीजे के लापता होने की जानकारी उसे घटना के तीन दिन बाद दी गई।
दिल्ली पुलिस विधानसभा की सुरक्षा में सेंधमारी की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि एसयूवी कार से विधानसभा के गेट नंबर दो से अवरोध तोड़कर अंदर प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए सरबजीत सिंह को रविवार को ही अपने भतीजे के लापता होने के बारे में पता चला था।
अधिकारियों ने कहा कि पुलिस जांच में पाया गया है कि सरबजीत सिंह अपने भतीजे की गुमशुदगी की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करना चाहता था।
परिवार को मंगलवार शाम को पंजाब के आनंदपुर साहिब में नांगल के पास अपने 20-वर्षीय भतीजे हरमन सिंह के ठिकाने के बारे में एक नया सुराग मिला। यह वही इलाका है जहां दो अप्रैल को उसकी आखिरी लोकेशन मिली थी।
पुलिस ने कहा, ‘सरबजीत सिंह का भतीजा हरमन पश्चिमी दिल्ली के हरि नगर स्थित एक निजी कॉलेज में बीटेक का छात्र है और वह संस्थान के पास ही किराये के मकान में रहता है। उसके परिवार ने दावा किया कि वह एक अप्रैल को बस से दिल्ली से चला गया। उन्होंने बताया कि उसने दो अप्रैल को आखिरी बार अपनी मां से बात करने के बाद अपना मोबाइल फोन भी बंद कर दिया है।’
उसके पिता हरप्रीत सिंह ने कहा, ‘वह बातचीत में सामान्य लग रहा था, लेकिन उसने यह नहीं बताया कि वह कहां था।’
हरप्रीत ने कहा कि चूंकि हरमन का फोन घंटों तक बंद रहा, इसलिए वह दो अप्रैल की देर रात दिल्ली पहुंचे और हरि नगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। वह एक किसान हैं।
तब से, सोशल मीडिया पर हरमन की गुमशुदगी के बारे में कई पोस्ट सामने आई हैं। परिवार ने पोस्टर भी बांटे हैं और जानकारी देने वाले के लिए दो लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी की है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि गुमशुदगी के बारे में पता चलने के बाद सरबजीत ने हरप्रीत से इस बात पर बहस की कि उसे सूचित क्यों नहीं किया गया।
हरप्रीत ने कहा, ‘हमने शुरू में सरबजीत को हरमन के लापता होने के बारे में नहीं बताया, क्योंकि वह पिछले लगभग आठ वर्षों से अवसाद का इलाज करा रहा है। हमें डर था कि इस खबर से वह परेशान हो जाएगा।’
उन्होंने कहा कि पांच अप्रैल को सरबजीत सिंह अपनी एसयूवी से आनंदपुर साहिब आया और हरप्रीत से सवाल किया कि उन्होंने दिल्ली पुलिस से अधिक मदद क्यों नहीं मांगी। सरबजीत सिंह ने यह भी दावा किया कि उसने इस बारे में दिल्ली की मुख्यमंत्री से भी बात की है।
हरप्रीत ने बताया, ‘वह (सबरजीत) अपनी दवाएं साथ नहीं लाया था और उसके परिवार ने कहा कि उसने एक हफ्ते से दवा नहीं ली थी।’
पुलिस ने कहा कि घटना के दिन और उससे पहले के दिनों में सरबजीत सिंह की गतिविधियों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
पुलिस ने कहा कि विधानसभा में सुरक्षा सेंधमारी की जांच से पता चलता है कि सबरजीत का इरादा अपने भतीजे के लापता होने की ओर ध्यान आकर्षित करना था।
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