नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में इस वर्ष अब तक इन्फ्लूएंजा-ए के 2,392 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 1,777 एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के मामले शामिल हैं।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने शुक्रवार को कहा कि शहर मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में वृद्धि से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सिंह ने मौसमी इन्फ्लूएंजा और वेक्टर जनित बीमारियों (मच्छर जनित बीमारियों) से निपटने से संबंधित दिल्ली की तैयारियों की समीक्षा के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में भाग लिया।
बैठक के बाद जारी एक आधिकारिक बयान में सिंह ने कहा कि राजधानी में बिस्तरों, डॉक्टरों, दवाओं या आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने कहा कि मरीजों की संख्या पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकताओं के अनुसार अस्पताल की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
बयान के अनुसार, दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन, एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) के माध्यम से गहन निगरानी बनाए हुए है। इसके तहत आईडीएसपी-आईएचआईपी पोर्टल के जरिए रिपोर्ट किए गए इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई), गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) और इन्फ्लूएंजा के मामलों की दैनिक निगरानी की जा रही है और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नियमित अपडेट साझा किए जा रहे हैं।
बयान में कहा गया कि मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारियों, जिला निगरानी अधिकारियों और अस्पतालों को आईएलआई, एसएआरआई और इन्फ्लूएंजा के मामलों की जांच, रिपोर्टिंग और निगरानी के लिए परामर्श जारी किए गए हैं।
बयान के अनुसार, स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को लक्षणों और फॉलो-अप प्रोटोकॉल पर संवेदनशील और प्रशिक्षित किया जा रहा है, जबकि जिला अधिकारियों के लिए हाल में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
बयान में बताया गया कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी), दिल्ली छावनी बोर्ड, शिक्षा विभाग, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और अन्य हितधारकों की बैठक में निर्देश दिए गए हैं कि इन्फ्लूएंजा की रोकथाम और नियंत्रण पर जन जागरूकता तथा सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) गतिविधियों को तेज किया जाए।
दिल्ली सरकार के अनुसार, कुल इन्फ्लूएंजा-ए मामलों में से 1,777 मामले एच1एन1 संक्रमण (स्वाइन फ्लू) के दर्ज किए गए हैं, जबकि 37 मामले एच1 के, 138 मामले एच3 के और 440 अन्य इन्फ्लूएंजा मामलों के रूप में वर्गीकृत किए गए हैं। शहर में एच1ए1 मुख्य स्वरूप है।
इसके अतिरिक्त, दिल्ली में इस वर्ष डेंगू के 246 और मलेरिया के 80 मामले सामने आए हैं, तथा दोनों में से किसी भी बीमारी से कोई मौत नहीं हुई है। चिकनगुनिया के मामले 19 रहे, जिनमें भी कोई मौत दर्ज नहीं की गई।
बयान में कहा गया कि वेक्टर-नियंत्रण उपायों के तहत स्थानीय निकायों ने 3.20 लाख घरों में छिड़काव किया है, मच्छर का लार्वा मिलने वाले 91,217 घरों की पहचान की, 74,591 कानूनी नोटिस जारी किए और 6,724 पर कार्रवाई शुरू की।
इसमें कहा गया है कि दिल्ली सरकार रोकथाम और नियंत्रण के लिए एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली छावनी बोर्ड और अन्य विभागों के साथ समन्वय कर रही है, जबकि आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से डेंगू और मलेरिया की निगरानी, प्रशिक्षण, जागरूकता और घर-घर जाकर संपर्क अभियान जारी है।
सिंह ने कहा कि दिल्ली की पूरी तैयारी रिपोर्ट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा के साथ साझा की गई है, जिसमें बिस्तरों, डॉक्टरों, दवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था शामिल है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया है कि केंद्र हर संभव सहायता प्रदान करेगा।
सिंह ने नागरिकों से भीड़भाड़ वाले स्थानों में मास्क का उपयोग करने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने, श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के संपर्क से बचने और खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टरों से परामर्श करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, ‘जनस्वास्थ्य की तैयारी एक सतत प्रक्रिया है। हमारी प्राथमिकता शुरुआती पहचान, समय पर इलाज और अस्पताल की पर्याप्त क्षमता सुनिश्चित करना है।’
भाषा नोमान दिलीप
दिलीप