Rekha Gupta on Aam Aadmi Party || Image- ANI News File
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के दो-तिहाई राज्यसभा सदस्यों के पार्टी से अलग होकर भाजपा में शामिल होने के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की आलोचना करते हुए कहा कि सात सांसदों के पार्टी छोड़ने से पार्टी की तानाशाही को सीधा झटका लगा है।
गुप्ता ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी में अब कोई भी ऐसा नेता नहीं बचा है जो भ्रष्ट न हो। (Rekha Gupta on Aam Aadmi Party) उन्होंने चेतावनी दी कि जिस तरह दिल्ली में आम आदमी पार्टी हारी है, उसी तरह पंजाब में भी उसे हार का सामना करना पड़ेगा।
शुक्रवार को एक पोस्ट साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “क्रांति के नारे के साथ शुरू हुई आम आदमी पार्टी अब अविश्वास और अलगाव के कारण अपने अंत की ओर बढ़ रही है। आपकी पार्टी में अब कोई आम आदमी नहीं बचा, केवल भ्रष्ट लोग ही रह गए हैं। श्री केजरीवाल, राज्यसभा के दो-तिहाई सांसदों का पार्टी छोड़ना आपकी तानाशाही पर सीधा प्रहार है। दिल्ली के बाद अब पंजाब की बारी है।”
इंकलाब के नारे से शुरु हुई AAP का अंत अविश्वास और अलगाव से हो रहा है। आपकी पार्टी में अब आम आदमी नहीं, सिर्फ भ्रष्ट आदमी बचा है।
केजरीवाल जी, दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों का जाना आपकी तानाशाही पर सीधी चोट है। अब दिल्ली के बाद पंजाब की बारी है।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) April 24, 2026
गौरतलब है कि, राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने शुक्रवार, 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ दी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। इसके अलावा, AAP के चार और राज्यसभा सांसदों के भी औपचारिक रूप से BJP में शामिल होने की उम्मीद है। राघव चड्ढा ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि (Rekha Gupta on Aam Aadmi Party) “भारत के संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए, राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई से ज़्यादा सांसद BJP में शामिल हो गए हैं।”
बता दें कि, अरविंद केजरीवाल, स्वाति मालीवाल, अन्ना हजारे, संजय सिंह और AAP, BJP और कांग्रेस सहित अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के अन्य बड़े नेताओं ने राघव चड्ढा के BJP में जाने पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी है।
राघव चड्ढा और अन्य नेताओं के BJP में शामिल होने पर प्रतिक्रिया देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा, “लोकतंत्र में, हर किसी की अपनी राय होती है। किसी के विचारों को दबाना सही नहीं है। लोकतंत्र में लोगों के अलग-अलग नज़रिए होते हैं, और राय में कुछ मतभेद होना स्वाभाविक है। सोच में कुछ असहमति या मतभेद हो सकते हैं, यही वजह है कि कुछ लोग पार्टी छोड़ने का फ़ैसला कर सकते हैं” अन्ना हजारे ने इस मामले में आगे कहा कि, “संविधान में किसी भी पार्टी का नाम नहीं है… लोकतंत्र में लोग स्वतंत्र हैं, अगर कोई जाना चाहे तो जा सकता है।”
VIDEO | Ahmednagar: “In a democracy, everyone has their own opinion. It is not right to suppress anyone’s views. People have different perspectives in a democracy, and some differences of opinion are natural. There may be some disagreements or differences in thinking, which is… pic.twitter.com/2cHLawlNQv
— Press Trust of India (@PTI_News) April 24, 2026
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