नयी दिल्ली, 29 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके में एक झगड़े के दौरान एक युवक की हत्या के प्रयास के आरोपी एक व्यक्ति को बरी कर दिया है।
अदालत ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष हमलावर की पहचान उचित संदेह से परे स्थापित करने में विफल रहा।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुमार रजत ने आरोपी आमिर के खिलाफ सुनवाई की। आमिर के ऊपर आरोप था कि उसने कहासुनी के बाद मोहम्मद सुहैल नामक व्यक्ति पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या का प्रयास किया।
अदालत ने 27 मार्च के एक आदेश में कहा, ‘‘यह देखा गया है कि अभियोजन पक्ष भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत दंडनीय अपराध के संबंध में आरोपी आमिर के खिलाफ उचित संदेह से परे अपना मामला साबित करने में विफल रहा है, इसलिए उपरोक्त उल्लिखित सिद्धांतों और रिकॉर्ड पर स्थापित तथ्यों के आधार पर आरोपी को संदेह का लाभ दिया जाता है।’’
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, नौ अक्टूबर, 2020 की घटना थी और शिकायतकर्ता मोहम्मद सुहैल ने आरोप लगाया था कि जाफराबाद के चौहान बंगर में स्कूटर को लेकर हुए विवाद के बाद आमिर ने उस पर चाकू से हमला किया।
पीड़ित ने दावा किया कि उसकी गर्दन और हाथ में चोटें आई हैं, और बाद में रिश्तेदारों द्वारा उसे अस्पताल ले जाया गया।
भाषा धीरज सुरेश
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