नयी दिल्ली, 20 जून (भाषा) दिल्ली के मोटर दुर्घटना दावा न्यायधिकरण (एमएसीटी) ने दिसंबर 2024 में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 54 वर्षीय साइकिल सवार के परिवार को 22.91 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
पीठासीन अधिकारी अनुराग दास, सुशील कुमार के परिवार द्वारा दायर दावे की सुनवाई कर रहे थे।
साइकिल सवार सुशील कुमार को 18 दिसंबर 2024 को पश्चिमी दिल्ली के रनहौला स्थित चंचल पार्क के पास एक मोटरसाइकिल ने टक्कर मार दी थी। न्यायधिकरण ने नौ जून को दिये आदेश में कहा, “याचिकाकर्ता यह साबित करने में सफल रहे हैं कि सुशील कुमार को सड़क दुर्घटना में घातक चोटें लगीं, जो मोटरसाइकिल चालक राजीव के वाहन को लापरवाही और तेज गति से चलाने के कारण हुई थीं।”
अभियोजन पक्ष के अनुसार, कुमार को दुर्घटना में गंभीर चोटें आई थीं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया तथा मोटरसाइकिल चालक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया।
न्यायाधिकरण ने प्रत्यक्षदर्शी के बयान, पुलिस रिकॉर्ड, प्राथमिकी, आरोपपत्र, घटनास्थल के नक्शे, वाहन की यांत्रिक जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर माना कि यह दुर्घटना मोटरसाइकिल चालक की लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने के कारण हुई थी।
न्यायाधिकरण ने यह भी उल्लेख किया कि घटनास्थल के पास साइकिल मरम्मत की दुकान चलाने वाले प्रत्यक्षदर्शी ने अपने बयान में लगातार कहा कि मोटरसाइकिल की रफ्तार बहुत तेज थी और यू-टर्न लेने के बाद उसने साइकिल सवार को टक्कर मारी थी।
न्यायाधिकरण ने सुशील कुमार की आय का आकलन दिल्ली में अकुशल श्रमिक के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन 18,066 रुपये प्रतिमाह के आधार पर किया क्योंकि उनकी आय से संबंधित कोई दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया था। न्यायाधिकरण ने मृतक के परिवार को 22.91 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया।
न्यायाधिकरण ने यह भी उल्लेख किया कि दुर्घटना के समय मोटरसाइकिल का बीमा वैध था और बीमा कंपनी को मुआवजे की राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया।
भाषा जितेंद्र रंजन
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