नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) दिल्ली पुलिस ने फर्जी ‘रोडसाइड असिस्टेंस पॉलिसी’ बेचकर लोगों को ठगने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है और इसके दो मालिकों समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।
एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि यह गिरोह गुरु अर्जुन नगर इलाके से संचालित हो रहा था। उन्होंने बताया कि चार अप्रैल को मिली सूचना के आधार पर एक टीम ने गुरु अर्जुन नगर स्थित रतन लाल कॉम्प्लेक्स पर छापा मारा और धोखाधड़ी के इस केंद्र का भंडाफोड़ किया।
अधिकारी ने बताया, ‘‘छापेमारी के दौरान, टीम ने कॉल सेंटर में मौजूद सभी 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें दो कथित मालिक सौरभ और शाहनवाज भी शामिल हैं। इन दोनों की उम्र 28 वर्ष है।’
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने परिसर से 10 टेली-कॉलर को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान अंजलि (25), कशिश (21), रजनी (20), गुनमान (21), पूजा (30), कविता (26), मंजू (20), रक्षा (22), इमरान (20) और अनु (29) के तौर पर हुई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे और फर्जी ‘रोडसाइड असिस्टेंस पॉलिसी’ के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे। वे टायर पंक्चर या गाड़ी खराब होने जैसी वाहन संबंधी समस्याओं के मामले में भारत में कहीं भी हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके तत्काल सहायता प्राप्त करने का झांसा देते थे।
ग्राहकों का विश्वास जीतने के लिए, वे पॉलिसी मिलने पर पैसे का नकद भुगतान करने की पेशकश करते थे और पॉलिसी का प्लास्टिक कार्ड देने का आश्वासन देते थे। कार्ड मिलने पर, ग्राहकों से 3,000 से 4,000 रुपये का भुगतान करने को कहा गया। हालांकि, सेवाएं कभी प्रदान नहीं की गईं।
अधिकारी ने कहा, ‘‘पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पिछले छह महीनों से यह सेंटर चला रहे थे।’’
पुलिस ने घटनास्थल से एक कंप्यूटर सिस्टम, नकली प्लास्टिक पॉलिसी कार्ड, ग्राहक डेटा शीट, कॉल करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और एक उपस्थिति रजिस्टर बरामद किया।
पुलिस ने बताया कि रंजीत नगर थाने में मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।
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