दिल्ली वन विभाग ने त्योहारों में ‘यांत्रिक’ हाथियों के इस्तेमाल की सलाह दी; पेटा ने किया स्वागत

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दिल्ली वन विभाग ने त्योहारों में 'यांत्रिक' हाथियों के इस्तेमाल की सलाह दी; पेटा ने किया स्वागत

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  • Publish Date - September 21, 2026 / 03:44 PM IST,
    Updated On - September 21, 2026 / 03:44 PM IST

नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) दिल्ली वन विभाग ने पशु कल्याण और सार्वजनिक सुरक्षा की चिंताओं का हवाला देते हुए धार्मिक संस्थानों, मंदिर समितियों और कार्यक्रम आयोजकों को सलाह दी है कि वे धार्मिक समारोहों और त्योहारों के दौरान जीवित हाथियों के बजाय यांत्रिक हाथियों का उपयोग करें।

पशु अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन ‘पीपल फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स(पेटा)- इंडिया’ के एक बयान के अनुसार, संगठन ने विभिन्न क्षेत्रों से पालतू या कैद में रखे गए हाथियों को भीड़भाड़ वाले शहरी क्षेत्रों में कार्यक्रमों के लिए लाने की चुनौतियों को सामने लाने और ऐसा ना करने की अपील किए जाने बाद यह परामर्श जारी किया गया।

विभाग ने श्रद्धालुओं और कार्यक्रम आयोजकों को शोभायात्राओं और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान जीवित जानवरों के विकल्प के रूप में यांत्रिक हाथियों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया है।

पेटा इंडिया ने इस परामर्श का स्वागत करते हुए इसे हाथियों और श्रद्धालुओं दोनों की सुरक्षा की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया।

पेटा इंडिया के वरिष्ठ नीति एवं कानूनी सलाहकार विक्रम चंद्रवंशी ने कहा, “दिल्ली वन विभाग का यह परामर्श एक संवेदनशील और दूरदर्शी कदम है, जो हाथियों और श्रद्धालुओं दोनों की रक्षा करता है। पेटा इंडिया इसका स्वागत करता है।”

संगठन ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से भी आग्रह किया कि वह राज्यों को मंदिरों में और अन्य गतिविधियों, जैसे कि फिल्मों एवं फोटो शूट, शादियों और पर्यटकों की सवारी के लिए यांत्रिक हाथियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करे।

संगठन ने ‘हेरिटेज एनिमल टास्क फोर्स’ द्वारा एकत्रित आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि केरलम में 15 वर्षों की अवधि में पालतू या कैद में रखे गए हाथियों ने 526 लोगों की जान ली है।

भाषा

सुमित प्रशांत

प्रशांत