दिल्ली का वन विभाग पौधा रोपण में तेजी के लिए सेवानिवृत्त अधिकारियों की सेवा लेगा

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दिल्ली का वन विभाग पौधा रोपण में तेजी के लिए सेवानिवृत्त अधिकारियों की सेवा लेगा

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  • Publish Date - April 29, 2026 / 08:07 PM IST,
    Updated On - April 29, 2026 / 08:07 PM IST

(वर्षा सागी)

नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) दिल्ली सरकार का वन विभाग सेवानिवृत्त वन अधिकारियों की सेवा लेगा ताकि अरावली क्षेत्र में उनके अनुभव का लाभ उठाकर शहर के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में पौधा रोपण कार्य और जमीनी निगरानी को मजबूत किया जा सके। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘इन सेवानिवृत्त अधिकारियों को पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में पौधारोपण कार्य और निगरानी प्रयासों को मजबूत करने के लिए ‘सलाहकार’ के पद दिए जाएंगे, जो पर्यावरण बहाली और हरित आवरण में सुधार की दिशा में किए जा रहे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।’’

उन्होंने रेखांकित किया कि यह कदम पर्यावरण-पुनर्स्थापन पौधारोपण प्रक्रियाओं, विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में, के उद्देश्य से उठाया गया है और सलाहकार जमीनी स्तर पर पौधारोपण की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

अधिकारी ने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मियों का अनुभव पौधा रोपण के सुचारू संचालन, पौधों के जीवित रहने की दर में सुधार और कार्यान्वयन में आने वाली कमियों को समय पर दूर करने में सहायक होगा। वे क्षेत्र के कर्मचारियों का मार्गदर्शन भी करेंगे और पौधारोपण अभियानों के दौरान सर्वोत्तम पद्धतियों का पालन सुनिश्चित करेंगे।

विभाग द्वारा योजना की रूपरेखा प्रस्तुत करने के लिए तैयार एक आधिकारिक दस्तावेज में कहा गया कि वह सहायक वन संरक्षक (एसीएफ), वन रेंजर, उप रेंज अधिकारी (डीआरओ) और वनपाल जैसे पदों से सेवानिवृत्त कर्मियों को संविदा के आधार पर सलाहकार के पद पर नियुक्त करेगा।

दस्तावेज में कहा गया है कि इस कदम का उद्देश्य पौधारोपण गतिविधियों के क्रियान्वयन और पर्यवेक्षण में सेवानिवृत्त कर्मियों के अनुभव और तकनीकी ज्ञान का उपयोग करना है, जिसमें उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने अरावली पर्वतमाला क्षेत्रों में काम किया है।

दस्तावेज के मुताबिक कुल 20 पदों की पहचान की गई है, जिनमें से दो एसीएफ स्तर के अधिकारियों के लिए, छह वन रेंजर या डीआरओ स्तर के अधिकारियों के लिए और 12 वनपालों के लिए हैं। विभाग ने यह भी कहा कि पौधारोपण कार्य और जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन का पूर्व अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इन अधिकारियों के कार्य को लेकर एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सलाहकारों को क्षेत्र में यथाशीघ्र रिपोर्ट करने की आवश्यकता हो सकती है और आपात स्थिति में उन्हें सप्ताहांत या छुट्टियों में भी काम पर बुलाया जा सकता है। उन्हें निर्धारित प्रणाली के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी, अन्यथा उनके वेतन में कटौती की जा सकती है।

इस बीच, दस्तावेज में रेखांकित किया गया है कि यह प्रयास मौजूदा कार्यबल की सहायता करने और पूरे शहर में पौधारोपण और पुनर्स्थापन कार्य को बढ़ाने के लिए है, खासकर उन क्षेत्रों में जो पारिस्थितिक गिरावट का सामना कर रहे हैं।

भाषा धीरज संतोष

संतोष