नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों से एकत्र किए गए भूजल के लगभग 15 प्रतिशत नमूनों में यूरेनियम पाये जाने संबंधी रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार एवं दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) से जवाब तलब किया है।
अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने पहले बिहार के कुछ जिलों में स्तनपान कराने वाली महिलाओं के दूध में यूरेनियम मिलने की अखबार की खबर पर स्वतः संज्ञान लिया था।
हाल ही में एक आदेश में, अधिकरण ने अखबार की एक और खबर का संज्ञान लिया। इस खबर में केंद्रीय भूमिजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) की ‘वार्षिक भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट 2025’ का जिक्र था, जिसमें पाया गया कि दिल्ली में अलग-अलग जगहों से लिए गए 83 भूजल नमूनों में से 24 में यूरेनियम की मात्रा तय सीमा से ज्यादा थी।
पीठ ने खबर का हवाला देते हुए कहा, “इस अध्ययन से पता चलता है कि भारत में ज्यादातर जमीन के नीचे का पानी सुरक्षित है, लेकिन कुछ इलाकों में यूरेनियम का स्तर बढ़ रहा है। इससे पीने के पानी की गुणवत्ता और सेहत की सुरक्षा के लिए नियमित निगरानी और स्थानीय स्तर पर बचाव के उपाय करने की जरूरत पर जोर मिलता है।”
अधिकरण ने डीपीसीसी और दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव (पर्यावरण) को पक्षकार या प्रतिवादी के तौर पर शामिल किया और उन्हें नोटिस जारी किए।
अधिकरण ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तारीख तय की है।
भाषा प्रशांत रंजन
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