नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि दिल्ली सरकार गौशालाओं को रिज वन से जोड़ने के लिए एक वैज्ञानिक योजना पर काम कर रही है ताकि शहर की गायें सड़कों पर घूमने के बजाय प्राकृतिक परिवेश में रह सकें।
उत्तरी दिल्ली के किशनगंज गौशाला में आयोजित एक कार्यक्रम में गुप्ता ने कहा कि सरकार ने शहर भर के 13 जिलों में गौशालाएं स्थापित करने के लिए भूमि की पहचान भी कर ली है और इनमें से प्रत्येक गौशाला में बायोगैस संयंत्र, सौर ऊर्जा संयंत्र और पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
गुप्ता ने घोषणा की कि एक एकड़ भूमि में फैली गौशाला को जिले में चिन्हित स्थानों में से एक पर स्थानांतरित किया जाएगा जिसमें लगभग 2000 गायें हैं।
उन्होंने कहा कि नई गौशाला पांच एकड़ से अधिक भूमि में फैली होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम गौशालाओं को रिज के वन क्षेत्रों से जोड़ने के लिए एक वैज्ञानिक योजना पर काम कर रहे हैं, ताकि गायें प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से रह सकें।’
मुख्यमंत्री ने गौ कल्याण के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला और कहा कि पिछले साल भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद एक सप्ताह के भीतर गौशालाओं के लिए लंबित 20 करोड़ रुपये का अनुदान जारी कर दिया था और इस साल अतिरिक्त 24 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया गया है।
गुप्ता ने अपनी सरकार की कई अन्य पहल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पहले शहर में कोई बायोगैस संयंत्र नहीं था, जिसके कारण गोबर नालियों में बहकर यमुना के पानी में मिल जाता था, लेकिन उनकी सरकार दिल्ली में उत्पन्न होने वाले 1,500 टन गोबर के निपटान के लिए छह बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रही है।
गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में डेयरी कॉलोनियों के पुनर्विकास के लिए मुख्यमंत्री विकास कोष (सीएमडीएफ) से 100 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की गई है।
भाषा नोमान नोमान नरेश
नरेश