दिल्ली सरकार वापस लेगी ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ नीति: पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा

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दिल्ली सरकार वापस लेगी ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ नीति: पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा

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  • Publish Date - June 3, 2026 / 11:04 PM IST,
    Updated On - June 3, 2026 / 11:04 PM IST

(श्रुति भारद्वाज)

नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में एक होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत हो जाने के बाद, दिल्ली सरकार ने अपनी ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ (बीएंडबी) योजना को आधिकारिक रूप से वापस लेने और इसके तहत संचालित सभी प्रतिष्ठानों की समीक्षा करने का फैसला किया है। पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने बुधवार को यह जानकारी दी।

यह घोषणा बुधवार सुबह ‘फ्लरिश स्टे बीएंडबी’ में लगी भीषण आग के बाद की गई। इस हादसे में 11 विदेशी नागरिकों सहित 21 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

मिश्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘हम आधिकारिक तौर पर ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ योजना को वापस लेने जा रहे हैं और इसके तहत लाइसेंस प्राप्त सभी प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी।’

मंत्री ने कहा, ‘लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि इस योजना के तहत पंजीकृत कोई भी प्रतिष्ठान छह से अधिक कमरे संचालित करते हुए पाया गया, तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।’

मिश्रा के अनुसार, ‘फ्लरिश स्टे’ को 2024 में बीएंडबी योजना के तहत सिल्वर श्रेणी में छह कमरों के लिए लाइसेंस दिया गया था, जिसकी वैधता 2027 तक थी।

हालांकि, जांचकर्ताओं ने बताया कि यह होटल कथित तौर पर अपनी स्वीकृत क्षमता से लगभग चार गुना अधिक कमरे संचालित कर रहा था और उसके पास अनिवार्य अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी नहीं था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह होटल तहखाने सहित लगभग 25 कमरे संचालित हो रहा था।

इस मामले में पर्यटन विभाग की भूमिका स्पष्ट करते हुए मिश्रा ने कहा कि विभाग की जिम्मेदारी काफी हद तक लाइसेंस देने, उनके नवीनीकरण और निरीक्षण के दौरान नियमों के पालन की जांच करने तक ही सीमित है।

उन्होंने कहा, ‘होटल मालिकों के लिए हर 15 दिन में स्थानीय पुलिस थाने को मेहमानों का रिकॉर्ड सौंपना अनिवार्य होता है। इन प्रतिष्ठानों के रोजमर्रा के कामकाज में पर्यटन विभाग की कोई भूमिका नहीं होती है।’

नीति को वापस लेने का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पर्यटन विभाग ने हाल ही में इस योजना में बड़े बदलाव का प्रस्ताव किया था।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले महीने ही विभाग ने मौजूदा व्यवस्था में कई बदलावों का प्रस्ताव करते हुए एक मसौदा नीति जारी की थी। इसमें कमरों के आकार, साज-सज्जा, स्वच्छता, मेहमानों की सुविधाओं और सुरक्षा इंतजामों के आधार पर दो श्रेणियां गोल्ड और सिल्वर शुरू की गई थीं।

वर्ष 2023 तक, राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली सरकार की बीएंडबी योजना के तहत 432 संपत्तियों में 2,200 से अधिक कमरे पंजीकृत थे।

भाषा सुमित सुभाष

सुभाष

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