दिल्ली उच्च न्यायालय ने दीपिका पादुकोण के ‘82 ई’ के ‘लोटस स्प्लैश’ के इस्तेमाल पर रोक लगाई

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने दीपिका पादुकोण के ‘82 ई’ के 'लोटस स्प्लैश' के इस्तेमाल पर रोक लगाई

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  • Publish Date - February 16, 2026 / 10:12 PM IST,
    Updated On - February 16, 2026 / 10:12 PM IST

नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के ‘स्किनकेयर ब्रांड ‘82 डिग्री ई’ को निर्देश दिया कि जब तक लोटस हर्बल्स द्वारा दायर मुकदमे का फैसला नहीं हो जाता, तब तक वह ‘‘लोटस स्प्लैश’’ या ‘‘लोटस’’ ट्रेडमार्क वाले उत्पादों की बिक्री, विज्ञापन या व्यापार न करे।

इस ब्रांड को 82-ईस्ट भी कहा जाता है।

न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति विनोद कुमार की पीठ यह आदेश ‘लोटस हर्बल्स प्राइवेट लिमिटेड’ की याचिका पर पारित किया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा, ‘‘हमें पता चला है कि प्रतिवादियों का ट्रेडमार्क ‘82 ई’ बोतल के निचले हिस्से में अंकित है, जबकि ‘लोटस स्प्लैश’ चिह्न/वाक्यांश बोतल के ऊपरी हिस्से में अधिक प्रमुख स्थान पर है। इससे स्पष्ट रूप से यह संकेत मिलता है कि ‘लोटस स्प्लैश’ चिह्न को ‘82 ई’ के वास्तविक चिह्न से अधिक प्रमुख बनाने का प्रयास किया गया है।’’

‘लोटस हर्बल्स’ ने 25 जनवरी, 2024 के एक एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी, जिसमें ‘लोटस स्प्लैश’ के उपयोग पर अंतरिम निषेधाज्ञा का अनुरोध करने वाले उसके आवेदन को खारिज कर दिया गया था।

अदालत ने अस्थायी निषेधाज्ञा देने की प्रार्थना स्वीकार कर ली है और प्रतिवादियों को आदेश दिया कि वे मुकदमे के अंतिम निर्णय तक “लोटस स्प्लैश” या “लोटस” से मिलते-जुलते किसी भी ट्रेडमार्क के नाम से कोई भी कॉस्मेटिक, ब्यूटी या हाइजीन उत्पाद न बनाएं, न बेचें, न आयात-निर्यात करें, न बिक्री के लिए पेश करें और न ही उनका विज्ञापन करें।

साथ ही, यदि “लोटस’’ शब्द को किसी उपसर्ग या प्रत्यय के साथ भी इस्तेमाल किया जा रहा हो, या ऐसा कोई नाम हो जो मूल लोटस ट्रेडमार्क से मिलता-जुलता या भ्रम पैदा करने वाला हो, तो उसका उपयोग भी मुकदमे के अंतिम निपटारे तक प्रतिबंधित रहेगा।

यह आवेदन ‘लोटस हर्बल्स’ द्वारा ‘डीपीकेए यूनिवर्सल कंज्यूमर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के खिलाफ दायर मुकदमे का हिस्सा था।

भाषा देवेंद्र सुरेश

सुरेश