नयी दिल्ली, 28 मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करते हुए कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को उनके नाम, तस्वीर, आवाज या व्यक्तित्व से संबंधित किसी भी अन्य विशेषता का उपयोग करके एआई से तैयार अनधिकृत सामग्री प्रकाशित करने से रोक दिया है।
न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने गंभीर द्वारा दायर एक याचिका पर अंतरिम आदेश में कहा कि ‘‘इस देश के सबसे सम्मानित क्रिकेटरों में से एक’’ होने के नाते, उन्हें ‘‘अपने नाम, तस्वीर और अपने व्यक्तित्व की अन्य सभी विशेषताओं की रक्षा का अधिकार है तथा किसी भी तीसरे पक्ष को उनकी सहमति या अनुमति के बिना इन विशेषताओं का उपयोग करने का अधिकार नहीं है।’’
गंभीर ने 2004 से 2016 के बीच भारत के लिए 58 टेस्ट, 147 वनडे और 37 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उन्होंने अपनी पहचान और प्रचार अधिकारों की रक्षा का अनुरोध किया।
याचिका में कहा गया है कि कई सोशल मीडिया अकाउंट ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), चेहरे बदलने और आवाज की नकल करने जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके गंभीर के नकली लेकिन वास्तविक जैसे दिखने वाले वीडियो तैयार किए। याचिका में यह भी कहा गया कि उनकी तस्वीर वाले सामान भी ऑनलाइन बेचे जा रहे थे।
अदालत ने 25 मार्च के आदेश में कहा, ‘‘अगली सुनवाई की तारीख तक, प्रतिवादी संख्या 1 से 10 (जिसमें अज्ञात इकाइयां भी शामिल हैं) को वादी के नाम- गौतम गंभीर, गौती और जीजी, उनकी तस्वीर, उनकी आवाज, उनकी पहचान या व्यक्तित्व से जुड़ी अन्य विशेषताएं सीधे या परोक्ष रूप से, बिना उनकी अनुमति या सहमति के व्यावसायिक या व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल से रोका जाता है।’’
अदालत मामले में अगली सुनवाई 19 मई को करेगी।
अदालत ने ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजन और फ्लिपकार्ट, एवं सोशल मीडिया मंचों गूगल और मेटा इंक को भी 36 घंटों के भीतर आपत्तिजनक सामग्री को हटाने का निर्देश दिया।
भाषा आशीष अविनाश
अविनाश