नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) दिल्ली सरकार मौजूदा शैक्षणिक सत्र के लिए निजी गैर-सहायता वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), वंचित समूह (डीजी) और विशेष जरूरत वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) की श्रेणी के तहत बच्चों के दाखिले के लिए शुक्रवार को कंप्यूटर आधारित लॉटरी निकालेगी।
शिक्षा निदेशालय की निजी स्कूल शाखा ने मंगलवार को एक परिपत्र जारी किया।
परिपत्र में बताया गया कि ईडब्ल्यूएस, डीजी और सीडब्ल्यूएसएन श्रेणियों के तहत शुरुआती कक्षाओं में दाखिले के कार्यक्रम के अनुसार यह लॉटरी निकाली जाएगी।
यह दाखिला प्रक्रिया दिल्ली के निजी गैर-सहायता वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों में प्री-स्कूल, प्री-प्राइमरी और पहली कक्षा शामिल के लिए है।
विभाग ने इससे पहले पात्र ईडब्ल्यूएस, डीजी और सीडब्ल्यूएसएन श्रेणी के आवेदकों के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 23 मार्च कर दी थी।
दिशा-निर्देशों के अनुसार, ईडब्ल्यूएस और डीजी श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए 31 मार्च तक उम्र सीमा इस प्रकार है, नर्सरी में दाखिले के लिए तीन से पांच वर्ष, केजी के लिए चार से छह वर्ष और पहली कक्षा के लिए पांच से सात वर्ष है।
दिशा-निर्देशों में बताया गया कि सीडब्ल्यूएसएन श्रेणी में दाखिले के संबंध में उम्र सीमा नर्सरी के लिए तीन से सात वर्ष, केजी के लिए चार से आठ वर्ष और पहली कक्षा के लिए पांच से नौ वर्ष तक है।
शिक्षा निदेशालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, ईडब्ल्यूएस श्रेणी में वे बच्चे शामिल हैं, जिनके परिवार की सालाना आय पांच लाख रुपये से कम है और जिनके पास दिल्ली के राजस्व विभाग द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र है।
दिशा-निर्देशों में बताया गया कि गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) या अंत्योदय अन्न योजना के राशन कार्ड रखने वाले परिवारों के बच्चे भी इन श्रेणियों के तहत दाखिले के लिए पात्र हैं।
दिशा-निर्देशों के मुताबिक, डीजी श्रेणी में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी-नॉन क्रीमी लेयर), अनाथ बच्चे, ट्रांसजेंडर और एचआईवी से प्रभावित बच्चे शामिल हैं।
भाषा जितेंद्र माधव
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