नयी दिल्ली, नौ अगस्त (भाषा) दुष्कर्म और पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम के एक मामले में करीब आठ साल से वांछित एक व्यक्ति को पुलिस ने पुणे से गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, 32 वर्षीय आरोपी ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह 2018 में पीड़िता के साथ फरार हो गया था। उस समय पीड़िता की उम्र 16 वर्ष थी और बाद में दोनों ने शादी कर ली थी। पीड़िता की वर्ष 2024 में तपेदिक (टीबी) से मौत हो गई थी। उसने पहले मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में कहा था कि उनका एक बच्चा भी है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी सागर उर्फ सुमित को तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर बृहस्पतिवार को पुणे के बुर्डे बस्ती इलाके से पकड़ा गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का मामला एक फरवरी 2018 को आनंद पर्वत थाने में दर्ज किया गया था। यह मामला लड़की की मां की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिन्होंने बताया था कि उनकी बेटी 24 जनवरी 2018 को घर से लापता हो गई थी।’
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान लड़की को 24 फरवरी 2018 को बरामद कर उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। अपने बयान में उसने बताया था कि सागर उसका प्रेमी था और वह अपनी मर्जी से उसके साथ चली गई थी।
पुलिस ने बताया कि इसके बाद लड़की दोबारा लापता हो गई और सितंबर 2020 में फिर से मिली। दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत दर्ज उसके बयान में उसने कहा था कि उसने सागर से शादी कर ली है और दोनों की एक बेटी है।
पुलिस के अनुसार, लड़की वर्ष 2023 में अपनी बेटी के साथ अपने मायके आई थी और बाद में उसे तपेदिक की बीमारी का पता चला। उपचार के दौरान वर्ष 2024 में उसकी मौत हो गई। वर्तमान में बच्ची सागर के दादा-दादी के साथ रह रही है।
पुलिस ने बताया कि लगातार प्रयासों के बावजूद सागर का पता नहीं चल सका था। एक टीम ने पुणे में उसके होने का पता लगाकर छह अगस्त को गिरफ्तार कर लिया।
अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद सागर को दिल्ली लाया गया और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पूछताछ के दौरान सागर ने पुलिस को बताया कि वह 16 वर्षीय नाबालिग के साथ फरार हो गया था और बाद में उससे शादी कर ली थी। उसने बताया कि वह सब्जी बेचने का काम करता था और पति के रूप में उसके साथ रहता था। पुलिस ने कहा कि आरोपी का कोई अन्य आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश