दिल्ली : संपत्ति कर निर्धारण के लिए एमसीडी जल्द शुरू करेगी ड्रोन सर्वेक्षण की पायलट परियोजना

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दिल्ली : संपत्ति कर निर्धारण के लिए एमसीडी जल्द शुरू करेगी ड्रोन सर्वेक्षण की पायलट परियोजना

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  • Publish Date - July 8, 2026 / 04:29 PM IST,
    Updated On - July 8, 2026 / 04:29 PM IST

नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) संपत्ति कर निर्धारण को अधिक सटीक और प्रभावी बनाने के लिए जल्द ही ड्रोन तथा अन्य अत्याधुनिक मैपिंग तकनीकों के इस्तेमाल से एक पायलट परियोजना शुरू करने जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, इस सर्वेक्षण से ऐसी संपत्तियों की पहचान करने में मदद मिलेगी जो अब तक कर के दायरे से बाहर हैं या जिनका मूल्यांकन वास्तविक मूल्य से कम किया गया है। इससे राजस्व ‘लीकेज’ पर भी रोक लगाने में सहायता मिलेगी।

यह पायलट परियोजना ‘पायलट ड्रोन आधारित जियोस्पेशियल सर्वे और डिजिटल ट्विन पहल’ के तहत दो जून को चार एजेंसियों के साथ किए गए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के बाद शुरू की जा रही है।

परियोजना के तहत चारों एजेंसियां स्वतंत्र रूप से ड्रोन आधारित हवाई इमेजिंग, लिडार (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) मैपिंग, जीआईएस आधारित परिसंपत्ति मानचित्रण, डिजिटल ट्विन तकनीक, त्रि-आयामी (3डी) शहर मॉडलिंग तथा उन्नत डेटा विश्लेषण जैसी तकनीकों का उपयोग कर सर्वेक्षण करेंगी। अधिकारियों ने बताया कि इस पायलट परियोजना पर एमसीडी को कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा।

एमसीडी के एक अधिकारी ने बताया कि इस तकनीक के उपयोग से संपत्ति अभिलेखों की सटीकता बढ़ेगी और कर प्रशासन को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। इसके जरिए ऐसी संपत्तियों की पहचान की जा सकेगी जो या तो संपत्ति कर के दायरे से बाहर हैं या जिनका कर निर्धारण उनकी वास्तविक कीमत से कम किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, यह पहल केवल संपत्ति कर संग्रह बढ़ाने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि शहरी नियोजन को बेहतर बनाने और नागरिक सेवाओं तथा प्रशासन के लिए एक व्यापक जियोस्पेशियल डाटाबेस तैयार करने में भी मदद करेगी।

एमसीडी के अनुसार, इस पायलट परियोजना के माध्यम से विभिन्न तकनीकों और सर्वेक्षण पद्धतियों की प्रभावशीलता की तुलना की जाएगी। इसके बाद यह निर्णय लिया जाएगा कि इस पहल का विस्तार पूरी दिल्ली में किया जाए या नहीं।

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘यदि पायलट परियोजना सफल रहती है और उसके परिणाम संतोषजनक पाए जाते हैं, तो एमसीडी इसे अपने पूरे अधिकार क्षेत्र में लागू करने पर विचार कर सकती है।’’ उन्होंने कहा कि इस अभ्यास से निगम क्षेत्र में मौजूद मकानों की अनुमानित संख्या का भी आकलन किया जा सकेगा।

एमसीडी ने वर्ष 2025-26 में लगभग 13.52 लाख संपत्ति करदाताओं से करीब 3,116 करोड़ रुपये का संपत्ति कर एकत्र किया था, हालांकि वह 3,500 करोड़ रुपये के अपने लक्ष्य से पीछे रह गई।

अधिकारियों का कहना है कि पायलट परियोजना से कर अनुपालन में सुधार होगा, करदाताओं का आधार बढ़ेगा और अधिक कर योग्य संपत्तियों को व्यवस्था में शामिल कर राजस्व हानि को कम किया जा सकेगा।

जनगणना 2027 के लिए जनगणना अधिकारियों द्वारा कराए गए ‘हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन’ (एचएलओ) के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 13 जिलों में 75,98,982 मकान और 54,98,560 परिवार दर्ज किए गए हैं।

भाषा

मनीषा नरेश

नरेश