मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का ‘मिसिंग लिंक’ इंजीनियरिंग का अजूबा, शुरुआती दिक्कतें सामान्य : फडणवीस

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मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का ‘मिसिंग लिंक’ इंजीनियरिंग का अजूबा, शुरुआती दिक्कतें सामान्य : फडणवीस

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  • Publish Date - July 8, 2026 / 06:33 PM IST,
    Updated On - July 8, 2026 / 06:33 PM IST

मुंबई, आठ जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना का पुरजोर तरीके से बचाव करते हुए कहा कि शुरुआती दौर में कुछ परेशानियां आना स्वाभाविक हैं।

इस परियोजना के तहत बनी सुरंग के नजदीक हुई भूस्खलन की घटना के बाद मुख्यमंत्री को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

राज्य विधानसभा में भारी बारिश और बाढ़ प्रबंधन पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए, फडणवीस ने परियोजना की आलोचना करने वालों पर आरोप लगाया कि वे भाड़े के ‘ट्रोलर’ के जरिए टीवी और सोशल मीडिया पर झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि गलत जानकारी देकर महाराष्ट्र को बदनाम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से दस साल बाद, जो लोग अपशब्द कह रहे हैं, वे नहीं रहेंगे, लेकिन यह महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग और देवेंद्र फडणवीस व (उप-मुख्यमंत्री) एकनाथ शिंदे के नाम कायम रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मिसिंग लिंक’ में भारत का सबसे चौड़ा केबल आधारित पुल बना है जो 170 किमी/घंटा तक की हवा की गति का सामना कर सकता है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से घाट वाले इलाके में दुर्घटनाएं कम हुई हैं और यातायात सुगम हुआ है।

महत्वाकांक्षी कोंकण रेल परियोजना के सामने आई चुनौतियों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षा के अतिरिक्त उपाय लागू करेगी, लेकिन किसी इंजीनियरिंग उपलब्धि को केवल एक घटना के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए।

सरकार ने एक मई को यातायात के लिए 13.3 किलोमीटर लंबा ‘मिसिंग लिंक’ खोला था।यह 94 किलोमीटर लंबे व्यस्त मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का हिस्सा है। इसमें दो जुड़वां सुरंगें हैं। यह लोनावला-खंडाला घाट खंड को बाईपास करता है और इसे इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यात्रा की दूरी 5.7 किलोमीटर कम हो जाए और मुंबई-पुणे के बीच यात्रा का समय 20 से 30 मिनट तक घट जाए।

भाषा धीरज पवनेश

पवनेश

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