नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल मामले में जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी दीपक खत्री उर्फ मामा को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने एक बयान में कहा कि पश्चिम विहार निवासी खत्री (45) को उसके खिलाफ जारी लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी) के तहत यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया और बाद में पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
बयान में कहा गया है कि यह गिरफ्तारी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), शस्त्र अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत अपराध शाखा द्वारा दर्ज प्राथमिकी के तहत की गई है।
पुलिस के अनुसार, खत्री बिश्नोई से संबंधित हथियार तस्करी मॉड्यूल से सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था और उसे गिरोह के सदस्यों के लिए अवैध हथियार और कारतूसों की कथित तौर पर व्यवस्था करने का काम सौंपा गया था।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया, ‘जांच में अब तक 18 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और 32 विदेश निर्मित आग्नेयास्त्रों और कारतूसों की बरामदगी हुई है, जिसमें दो सब-मशीन गन और 363 कारतूस शामिल हैं।’
पूछताछ के दौरान खत्री ने खुलासा किया कि वह पहली बार बिश्नोई से 2021 में मिला था जब गैंगस्टर को पुलिस हिरासत पर दिल्ली लाया गया था।
पुलिस ने कहा कि एक दोस्त के माध्यम से वह बिश्नोई से मिला और बाद में उसे कानूनी मदद और अन्य सुविधाएं प्रदान कीं।
बयान में कहा गया है कि बाद में खत्री ने काला जठेड़ी, काला राणा और जग्गू भगवानपुरिया सहित गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ संपर्क बनाए। बाद में वह जेल में बंद और जेल के बाहर गिरोह के सदस्यों के बीच संदेशों के आदान प्रदान का माध्यम बना।
पुलिस ने यह भी दावा किया कि खत्री दिल्ली में रंगदारी और धमकी के मामलों में समझौता कराने में शामिल रहा।
बयान में कहा गया है कि 2023 में ऐसे ही एक मामले में, बिश्नोई ने एक व्यवसायी को खत्री के माध्यम से लगभग 2.5 करोड़ रुपये की रंगदारी को लेकर समझौते पर बातचीत करने का निर्देश दिया था।
बयान में कहा गया है, “टीम को पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शूटर द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियारों की खरीद में भी उसकी कथित लिप्तता मिली है। हथियार कथित तौर पर आरोपी शाहबाज अंसारी और सलीम पिस्टल के माध्यम से खरीदे गए थे।’
अधिकारी ने कहा कि अंसारी हथियार तस्करी नेटवर्क का कथित सरगना और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) मामले में बिश्नोई का सह-आरोपी है। जमानत मिलने के बाद वह भारत से भाग गया और वह वर्तमान में बांग्लादेश से कथित रूप से सक्रिय है।
खत्री ने कथित तौर पर सह-आरोपी निशांत अरोड़ा उर्फ नोनी और हर्ष पाल सिंह उर्फ रूबल के साथ संपर्क स्थापित किया, जो बिश्नोई गिरोह के सदस्यों और सहयोगियों के लिए अंसारी से विदेशी निर्मित आग्नेयास्त्र और कारतूस खरीद रहे थे। पुलिस ने दावा किया कि जांच में अवैध हथियारों की खरीद, परिवहन और आपूर्ति में शामिल एक नेटवर्क का पता चला है।
भाषा नोमान
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