दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र के जलगांव से तीन साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया

दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र के जलगांव से तीन साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया

दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र के जलगांव से तीन साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया
Modified Date: August 11, 2024 / 04:49 pm IST
Published Date: August 11, 2024 4:49 pm IST

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर एक महिला से 36.27 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के लिए तीन साइबर जालसाजों को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान जयेश भोले (29), राकेश जाधव (33) और हर्षवर्धन भोसले (25) के रूप में हुई है। तीनों को महाराष्ट्र के जलगांव से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने बताया कि भोले ने विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई की है और वह बेरोजगार था जबकि जाधव भी स्नातक है और वह ‘ट्रांसपोर्ट’ का व्यवसाय करता है।

पुलिस के मुताबिक, तीसरे आरोपी भोसले ने कंप्यूटर इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है लेकिन 2022 में रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के बाद से वह बेरोजगार था।

पुलिस ने बताया कि आरोपी अन्य जालसाजों के लिए चालू बैंक खाते मुहैया कराने का भी काम करते थे।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिणपश्चिम) रोहित मीणा ने बताया कि एक महिला की शिकायत के बाद 25 जुलाई को साइबर पुलिस थाने में ऑनलाइन एक शिकायत दर्ज कराई गयी, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गयी।

मीणा ने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि एक जुलाई को वह ‘शेयर इंडिया’ नाम के समूह के संपर्क में आईं और समूह ने उन्हें बैंक खाते के जरिये 36.27 लाख रुपये निवेश करने पर राजी कर लिया।

उपायुक्त मीणा ने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उनकी राशि जल्द बढ़कर साढ़े तीन करोड़ रुपये हो गयी लेकिन वह निवेश की गई राशि को निकालने में असमर्थ थीं।

पुलिस ने बताया कि उन्होंने लेन-देन की कड़ियों की जांच की और तीन लोगों की पहचान की।

मीणा ने बताया कि 29 जुलाई को पुलिस टीम ने जलगांव पहुंचकर भोले को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ के बाद नौ अगस्त को दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी के खाते से 1.59 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ था।

उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं और मामले की जांच जारी है।

भाषा जितेंद्र संतोष

संतोष


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