दिल्ली: रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 30 लाख रुपये की ठगी

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दिल्ली: रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी को 'डिजिटल अरेस्ट' कर 30 लाख रुपये की ठगी

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  • Publish Date - August 23, 2026 / 10:16 PM IST,
    Updated On - August 23, 2026 / 10:16 PM IST

नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी से 30 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में एक व्यक्ति को पकड़ा है। आरोप है कि साइबर अपराधियों ने खुद को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण(एनआईए) और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अधिकारियों के रूप में पेश कर पीड़ित को ठगा। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान हरियाणा के फतेहाबाद निवासी सुनील सिंगला के रूप में हुई है। उसे 11 मई को गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस ने बताया कि द्वारका में रहने वाले भारतीय रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी से कुछ लोगों ने फोन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस), एनआईए और आरबीआई के अधिकारियों के रूप में पेश किया।

आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ित को लाल किला विस्फोट मामले से जुड़े आतंकवाद के वित्तपोषण और धन शोधन में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उसे गिरफ्तार करने की धमकी दी।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने डर पैदा करने और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए कथित तौर पर नोटिस और बांड समेत फर्जी दस्तावेज दिखाए।

पीड़ित को अपने बैंक खातों और संपत्तियों का ब्योरा देने तथा सत्यापन के लिए धनराशि हस्तांतरित करने का निर्देश दिया गया।

पुलिस ने कहा, “कुल 30 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए सिंडिकेट के नियंत्रण वाले बैंक खातों में हस्तांतरित किए गए।”

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस टीम ने पाया कि 15 लाख रुपये श्री बालाजी ट्रैक्टर के नाम से संचालित एक खाते में हस्तांतरित किए गए थे, जिसका संचालन सिंगला करता था।

पुलिस ने बताया कि बैंक रिकॉर्ड, केवाईसी विवरण, डिजिटल साक्ष्यों और लेन-देन की पड़ताल से पता चला कि इस खाते में संदिग्ध रूप से बड़ी रकम का लेन-देन हुआ था और यह विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर ठगी के कम से कम सात अन्य मामलों से जुड़ा था।

आरोप है कि सिंडिकेट लगातार वीडियो कॉल के जरिए पीड़ितों को अलग-थलग करता था, उन्हें गिरफ्तारी की धमकी देता था और अपनी रकम निकालने के लिए मजबूर करता था। इसके बाद रकम को म्यूल खातों और शेल खातों के जरिए भेजा जाता था।

अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की आईएफएसओ (इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस) इकाई द्वारा दर्ज इसी तरह के साइबर ठगी के एक मामले में सिंगला को पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस ने बताया कि ठगी गई रकम में से अब तक 12 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं या शिकायतकर्ता को वापस किए जा चुके हैं।

भाषा

राखी नरेश

नरेश